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सवाईमाधोपुर का रणथम्भौर टाइगर रिजर्व अब एक नई पहचान के साथ सामने आया है। यह देश का पहला टाइगर रिजर्व बन गया है, जहां दिव्यांग पर्यटकों के लिए विशेष सफारी वाहन की सुविधा शुरू की जा रही है। इससे दिव्यांग पर्यटक भी बिना किसी परेशानी के जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे।
दिव्यांगों के लिए तैयार खास वाहन
होटेलियर बालेन्दु सिंह ने दिव्यांग पर्यटकों के लिए एक विशेष वाहन तैयार किया है। वन विभाग ने इस वाहन का ट्रायल पूरा कर लिया है और इसे पार्क भ्रमण की अनुमति भी दे दी गई है। उम्मीद है कि आने वाले पर्यटन सीजन से यह सुविधा शुरू हो जाएगी।
जिप्सी को किया गया खास तौर पर मॉडिफाई
इस विशेष वाहन को एक सामान्य जिप्सी को मॉडिफाई करके तैयार किया गया है। इसमें
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व्हीलचेयर की सुविधा
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जिप्सी में चढ़ने के लिए रैम्प
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इलेक्ट्रॉनिक स्विच, जिससे व्हीलचेयर आसानी से ऊपर जा सके
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सीटों को फोल्ड करने की सुविधा
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सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट
जैसी सुविधाएं दी गई हैं, ताकि दिव्यांग पर्यटकों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
ऐसे आया यह विचार
बालेन्दु सिंह खुद भी दिव्यांग हैं। उन्होंने बताया कि रणथम्भौर में कई दिव्यांग पर्यटक आते हैं, लेकिन शारीरिक कठिनाइयों के कारण वे सफारी नहीं कर पाते और निराश होकर लौट जाते हैं।
विदेशों में इस तरह की सुविधाएं देखकर उन्हें यह विचार आया और उन्होंने दिव्यांगों के लिए यह खास वाहन तैयार करवाया।
विशेष वाहन की मुख्य सुविधाएं
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जिप्सी में रैम्प की व्यवस्था
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रैम्प को चलाने के लिए इलेक्ट्रिक स्विच
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बिजली की मदद से आसान प्रवेश
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व्हीलचेयर में सीट बेल्ट की सुविधा
वन विभाग का बयान
रणथम्भौर बाघ परियोजना के पर्यटन उपवन संरक्षक संजीव शर्मा ने बताया कि विभाग की ओर से दिव्यांगों के लिए इस विशेष वाहन को अनुमति दे दी गई है। इससे दिव्यांग पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी और वे भी रणथम्भौर की सफारी का आनंद ले सकेंगे।
निष्कर्ष
रणथम्भौर की यह पहल न सिर्फ दिव्यांग पर्यटकों के लिए राहत भरी है, बल्कि यह पर्यटन को समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय शुरुआत मानी जा रही है।
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