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डायबिटीज एक आम बीमारी है, लेकिन अगर इसे सही तरीके से नियंत्रित न किया जाए तो यह शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है। आमतौर पर लोग जानते हैं कि डायबिटीज दिल, किडनी, आंखों और नसों को प्रभावित करती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि यह सुनने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों में सुनने की कमजोरी का खतरा बढ़ सकता है। कई बार लोग सुनने की समस्या को उम्र या शोर के कारण मान लेते हैं, जबकि इसका कारण बढ़ा हुआ ब्लड शुगर भी हो सकता है।
डायबिटीज से सुनने की क्षमता कैसे प्रभावित होती है?
जब लंबे समय तक ब्लड शुगर का स्तर ज्यादा रहता है, तो यह शरीर की छोटी-छोटी रक्त नलिकाओं (ब्लड वेसल्स) को नुकसान पहुंचा सकता है। हमारे कान के अंदर का हिस्सा सही ब्लड सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर ब्लड फ्लो प्रभावित होता है, तो सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है।
अक्सर शुरुआत में हाई-फ्रीक्वेंसी (तेज) आवाजें सुनने में परेशानी होती है।
कितनी आम है यह समस्या?
अध्ययनों के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज वाले लगभग 40% से 70% लोगों में किसी न किसी स्तर की सुनने की समस्या देखी गई है। हालांकि ज्यादातर मामलों में यह समस्या हल्की होती है और धीरे-धीरे बढ़ती है।
शुरुआती लक्षण क्या हैं?
सुनने की कमजोरी अचानक नहीं होती। इसके कुछ शुरुआती संकेत हो सकते हैं:
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भीड़ या शोर वाली जगह पर साफ सुनाई न देना
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आवाज सुनाई देना लेकिन शब्द ठीक से समझ न आना
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बार-बार लोगों से बात दोहराने के लिए कहना
अक्सर लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं।
बचाव कैसे करें?
सबसे जरूरी है ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना। जितना बेहतर शुगर कंट्रोल होगा, उतना ही शरीर की छोटी रक्त नलिकाओं को कम नुकसान होगा और सुनने की क्षमता सुरक्षित रह सकती है।
अगर आपको डायबिटीज है और सुनने में हल्की भी परेशानी महसूस हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें। समय पर जांच और सही इलाज ही सबसे अच्छा बचाव है।
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