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राजस्थान सरकार ने बांसवाड़ा से सलूम्बर तक 93 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे-32 को बेहतर बनाने के लिए 744 करोड़ रुपये खर्च करने की घोषणा की है। लेकिन अभी तक इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) का सर्वे पूरा नहीं हुआ है।
अभी यह साफ नहीं है कि सड़क की चौड़ाई 10 मीटर होगी या 12 मीटर। साथ ही यह भी तय नहीं हुआ है कि कस्बों में बाइपास बनाया जाएगा या सड़क आबादी के बीच से ही निकलेगी। इसका अंतिम फैसला डीपीआर रिपोर्ट आने के बाद होगा।
डीपीआर सर्वे की स्थिति
इस सड़क की डीपीआर तैयार करने का काम अगस्त 2025 में 66 लाख रुपये की लागत से शुरू हुआ था। सर्वे को एक साल में पूरा करना है, यानी अगस्त 2026 तक रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।
फिलहाल सर्वे का लगभग 15 से 20 प्रतिशत काम ही पूरा हुआ है।
सर्वे के तहत ट्रैफिक स्टडी, सड़क का नया अलाइनमेंट और कस्बों में जमीन की उपलब्धता का अध्ययन किया जा रहा है।
सड़क की चौड़ाई बढ़ाने की योजना
अभी बांसवाड़ा से सलूम्बर तक सड़क की चौड़ाई करीब 7 मीटर है, जबकि सलूम्बर से उदयपुर तक यह लगभग 10 मीटर चौड़ी है। संभावना है कि डीपीआर के बाद इस हिस्से को भी 10 से 12 मीटर तक चौड़ा किया जा सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
इन कस्बों से गुजरती है सड़क
यह स्टेट हाईवे चिड़ियावासा, गनोड़ा, लोहारिया, पालोदा, साबला और आसपुर जैसे कस्बों और कई गांवों से होकर गुजरता है। आबादी वाले क्षेत्रों से गुजरने के कारण यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
भोपाल की कंपनी कर रही है सर्वे
एलएन मालवीया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी इस सड़क के चौड़ीकरण के लिए सर्वे कर रही है। ट्रैफिक स्टडी पूरी हो चुकी है। अब वनभूमि और निजी जमीन का आकलन किया जा रहा है। जहां सड़क चौड़ी करना संभव नहीं होगा, वहां बाइपास बनाने की योजना पर विचार किया जा रहा है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल डीपीआर तैयार की जा रही है। अगस्त 2026 तक सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। इसके बाद ही सड़क की अंतिम चौड़ाई और अलाइनमेंट तय होगा।
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