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राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इन चुनावों के लिए अपने संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। बीकानेर में संभाग और जिला स्तर पर बैठकों का आयोजन किया गया, जिनमें पार्टी के वरिष्ठ नेता, विधायक और पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठकों का नेतृत्व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने किया। बीकानेर संभाग की बैठक में केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
चुनाव प्रक्रिया में बदलाव के संकेत
सूत्रों के अनुसार, इस बार पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। संकेत मिले हैं कि पहले पंचायत चुनाव कराए जाएंगे और उसके बाद नगर निकाय चुनाव होंगे।
बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव का पहला चरण मार्च में शुरू हो सकता है। पहले पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों का चुनाव कराया जाएगा। इसके बाद सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
संभावना है कि शहरी निकाय चुनाव अप्रैल या मई में कराए जाएं।
सरपंच चुनाव पर ज्यादा रहता है जोर
आमतौर पर पंचायत चुनाव में सरपंच पद को लेकर ज्यादा प्रतिस्पर्धा रहती है। पहले सरपंच और ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव से माहौल ज्यादा गर्म हो जाता है, जिसका असर अन्य पदों पर भी पड़ता है। इसलिए इस बार पहले जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव कराकर बाद में सरपंच चुनाव कराने का विचार किया जा सकता है।
चुनाव संचालन के लिए समितियां
बैठक में पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव की तैयारियों के लिए अलग-अलग स्तर पर समितियां बनाने का फैसला लिया गया। ये समितियां चुनाव संचालन का काम संभालेंगी और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगी।
मार्च में चुनाव की संभावना
बैठक में यह भी संकेत दिए गए कि पंचायत चुनाव मार्च में शुरू हो सकते हैं। इसके बाद नगर निकाय चुनाव कराए जाएंगे।
कुल मिलाकर, राज्य में पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार चुनाव प्रक्रिया में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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