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छत्तीसगढ़ में लोगों को अब संपत्ति कर भरने के लिए निगम दफ्तर नहीं जाना पड़ेगा। रायपुर समेत प्रदेश के तीन नगर निगम और 46 निकायों में हर घर को डिजिटल डोर नंबर दिया जा रहा है। इससे लोग अपने घर का टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगे।
पहले तय होगी कॉलोनी की सीमा
राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने सभी निकायों को निर्देश दिया है कि वे कॉलोनियों और क्षेत्रों की सीमा जीआईएस पोर्टल पर तय करें। यह काम पांच दिन में पूरा करने को कहा गया है, ताकि डिजिटल डोर नंबर लगाने का काम समय पर हो सके।
सरायपाली, बालोद, खैरागढ़, कवर्धा, कोंडागांव, मुंगेली, कटघोरा, जांजगीर नैला और जशपुर नगर जैसे नगरपालिकाओं को भी इसके लिए निर्देश दिए गए हैं।
कैसे काम करेगा डिजिटल डोर नंबर?
हर घर पर लगाए गए डिजिटल डोर नंबर को स्कैन करने पर घर का टैक्स निकाय के पोर्टल पर दिखाई देगा। इसके बाद घर का मालिक संपत्ति कर, समेकित कर और जल कर सहित अन्य टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकेगा। इससे दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी।
अभी कम लोग कर रहे हैं ऑनलाइन भुगतान
जिन जगहों पर ऑनलाइन सुविधा शुरू हो चुकी है, वहां भी केवल करीब 20 प्रतिशत लोग ही ऑनलाइन टैक्स भर रहे हैं। बाकी लोग अभी भी निगम कार्यालय जाकर भुगतान कर रहे हैं। कई बार लोग डिजिटल डोर नंबर हटा देते हैं या उन्हें अपना नंबर याद नहीं रहता, जिससे दिक्कत आती है।
ऑनलाइन टैक्स भरने के फायदे
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निगम दफ्तर जाने की जरूरत नहीं
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समय की बचत
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रसीद संभालकर रखने की झंझट नहीं
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घर बैठे आसानी से भुगतान
लोगों को किया जाएगा जागरूक
SUDA के सीईओ शशांक पांडेय ने कहा है कि जहां डिजिटल डोर नंबर लग चुके हैं, वहां अधिकारियों को लोगों को ऑनलाइन भुगतान के लिए जागरूक करने को कहा गया है। इससे भुगतान प्रक्रिया कैशलेस और पेपरलेस होगी।
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