जयपुर में विधानसभा घेराव के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जोरदार टकराव हो गया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस झड़प में 12 से ज्यादा कार्यकर्ताओं के घायल होने की खबर है।
कैसे बढ़ा विवाद?
22 गोदाम स्थित सहकार भवन से कांग्रेस के खेलकूद प्रकोष्ठ के सैकड़ों कार्यकर्ता विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने पहले ही बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया था।
जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने की कोशिश की, तो दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को पानी की बौछार चलानी पड़ी।
खेलकूद प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अमीन पठान ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई में कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं। उन्होंने इसे गलत बताया और कहा कि वे युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।
बड़े नेताओं की मौजूदगी
घेराव से पहले आयोजित सभा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी मौजूद रहे।
सभा के दौरान डोटासरा ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने खेलकूद प्रकोष्ठ की भी सराहना की।
प्रदर्शन की वजह क्या है?
अमीन पठान के अनुसार, यह सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शन नहीं था। इसके पीछे खिलाड़ियों से जुड़ी कई मांगें हैं।
उनका कहना है कि:
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खेल बजट में कटौती की गई है
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खिलाड़ियों को टीए-डीए और छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिल रही
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खेल मैदानों पर अतिक्रमण हो रहा है
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स्टेडियम निर्माण का काम रुका हुआ है
इन समस्याओं के कारण युवा खेल से दूर हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा अध्यक्ष के नाम ज्ञापन देकर सरकार से खेल से जुड़ी सुविधाएं बहाल करने और खिलाड़ियों को नौकरी देने की मांग की है।
आगे की चेतावनी
अमीन पठान ने कहा है कि अगर सरकार ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा। उनका कहना है कि यह संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।
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