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राजस्थान में जल जीवन मिशन से जुड़े कथित घोटाले को लेकर राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया है कि इस योजना में लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। हाल ही में इस मामले में कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। एक पूर्व मंत्री को जमानत मिल चुकी है और आगे भी कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
2023 में दिया था धरना
किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि 20 जून 2023 को वे जयपुर के अशोक नगर थाने पहुंचे थे। उन्होंने जल जीवन मिशन के टेंडरों में अनियमितताओं को लेकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की थी। जब एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो उन्होंने थाने के बाहर दो दिन तक धरना दिया।
उन्होंने आरोप लगाया था कि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई और यह राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 के नियमों का उल्लंघन है। उनके अनुसार, इस कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 6 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है। उस समय राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री थे।
धरने में बड़े नेताओं का समर्थन
धरने के दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ और उस समय के प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी भी वहां पहुंचे थे और समर्थन दिया था। लगातार विरोध के चलते किरोड़ी लाल मीणा को उस समय गिरफ्तार भी किया गया था।
अब फिर चर्चा में मामला
अब इस मामले में कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है। पुलिस और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। दो साल पहले हुए धरने और ताजा कार्रवाई को जोड़कर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।
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