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कमरे ईवीएम के लिए बंद, छात्र डोम में परीक्षा: राजसमंद के स्कूल की हालत पर सवाल

राजसमंद के बालकृष्ण विद्या भवन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थिति शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। 92 साल पुराना यह स्कूल भवन सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा कंडम घोषित किया जा चुका है, लेकिन अब तक मरम्मत या नए निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है।


3.46 करोड़ का एस्टीमेट, फिर भी काम नहीं शुरू

23 जुलाई 2021 को भवन का निरीक्षण किया गया था। इंजीनियरों ने करीब 3 करोड़ 46 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया। जानकारी के अनुसार राशि स्वीकृत भी हुई, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि मामला राजनीतिक कारणों में उलझ गया।


8 कमरे ईवीएम के लिए, एक में पुलिस

लोकसभा चुनाव में उपयोग की गई ईवीएम मशीनें स्कूल के आठ कमरों में रखी गई हैं। एक कमरे में पुलिसकर्मी तैनात हैं।

इन कमरों का उपयोग पहले कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए होता था। अब कमरों की कमी के कारण बोर्ड परीक्षा दे रहे छात्र डोम में बैठकर परीक्षा देने को मजबूर हैं।


जर्जर भवन में जाने पर रोक

स्कूल का एक और हिस्सा बहुत पुराना और खतरनाक हालत में है। सुरक्षा कारणों से छात्रों को वहां जाने की अनुमति नहीं है। फिलहाल उस भवन का उपयोग स्टाफ कर रहा है।

स्कूल प्रशासन ने कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या बताई, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। बताया जा रहा है कि ईवीएम से जुड़ा मामला कोर्ट में लंबित है, इसलिए मशीनें फिलहाल स्कूल में ही रखी गई हैं।


आगे भी हो सकती है परेशानी

जानकारी के अनुसार लोकसभा चुनाव की मतगणना से जुड़े कुछ मुद्दे कोर्ट में विचाराधीन हैं। जब तक फैसला नहीं आता, ईवीएम वहीं रहेंगी। ऐसे में आने वाले निकाय और पंचायत चुनावों के दौरान भी स्कूल को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।


कक्षा अनुसार विद्यार्थियों की संख्या

कक्षा छात्र संख्या
1 5
2 4
3 9
4 12
5 15
6 14
7 22
8 15
9 60
10 52
11 174
12 219
कुल 601

प्रशासन का पक्ष

एडीएम नरेश बनुकर के अनुसार, लोकसभा चुनाव से जुड़ा मामला न्यायालय में चल रहा है। जैसे ही फैसला आएगा, ईवीएम को निर्वाचन वेयरहाउस में शिफ्ट कर दिया जाएगा।


फिलहाल 600 से ज्यादा छात्रों को कमरों की कमी और जर्जर भवन के बीच पढ़ाई और परीक्षा देनी पड़ रही है, जिससे अभिभावकों और शिक्षकों में चिंता बनी हुई है।

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