Breaking News

रिटायरमेंट के बाद नो-एंट्री आदेश ठंडे बस्ते में, शहर में बेरोकटोक दौड़ रहे भारी वाहन

नागौर शहर में सड़क हादसों को रोकने के लिए पूर्व जिला कलक्टर ने नो-एंट्री जोन के आदेश जारी किए थे। लेकिन उनके रिटायर होते ही इन आदेशों की पालना ढीली पड़ गई है। हालात ऐसे हैं कि शहर में दिन के समय भी भारी वाहन बिना रोक-टोक प्रवेश कर रहे हैं।

सुबह 8 से रात 8 बजे तक रोक थी

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में फैसला लिया गया था कि शहर के 9 मुख्य प्रवेश मार्गों पर सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक ट्रक, बस, डंपर, ट्रेलर और अन्य भारी वाहनों की एंट्री पर रोक रहेगी। यह आदेश 27 जनवरी से लागू होना था।

लेकिन करीब 25 दिन बीत जाने के बाद भी शहर में इन आदेशों का पालन नजर नहीं आ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 58, 62, 89 और 90 से जुड़े रास्तों से भारी वाहन सीधे शहर में प्रवेश कर रहे हैं।

हर समय हादसे का खतरा

शहर के स्कूलों और कॉलेजों के पास दिन में भीड़ रहती है। इन दिनों बोर्ड और कॉलेज परीक्षाएं चल रही हैं, जिससे विद्यार्थियों की आवाजाही ज्यादा है। ऐसे में भारी वाहनों की एंट्री से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है।

लोगों का कहना है कि यातायात पुलिस केवल चालान बनाने तक सीमित है, जबकि सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा ध्यान नहीं दिया जा रहा।

ट्रैफिक लाइट लगाने का काम भी अधूरा

पिछले साल 3 दिसंबर को हुई बैठक में शहर में ट्रैफिक लाइट लगाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन ढाई महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई काम शुरू नहीं हुआ है।

लोगों की मांग – सख्ती से लागू हों आदेश

शहरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल होगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि आदेशों की समीक्षा कर तुरंत सख्ती से लागू किया जाए।

यातायात प्रभारी का जवाब

यातायात प्रभारी देवीलाल ने कहा कि दिन में भारी वाहनों की एंट्री बंद है और पुलिसकर्मी लगाए गए हैं। कुछ जवान ड्यूटी पर बाहर गए हुए हैं। यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हो रहा है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

About admin

Check Also

निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 गाड़ियां, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने वाहन कम करने से किया इनकार!

बिहार में मंत्री के काफिले पर सियासत तेज, निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?