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मध्य प्रदेश के महू से पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार के मामले में बीमा कंपनी को इलाज का पैसा नहीं चुकाना भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ब्याज सहित पूरी राशि लौटाने का आदेश दिया है।
कोरोना कवच पॉलिसी ली थी
अंतर सिंह दरबार ने 20 अगस्त 2020 से 1 जून 2021 तक स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी की कोरोना कवच पॉलिसी ली थी। इस पॉलिसी के तहत कोरोना होने पर इलाज का खर्च कंपनी को देना था।
अप्रैल 2021 में वे कोरोना संक्रमित हो गए और 28 अप्रैल से 6 मई तक अस्पताल में भर्ती रहे। इलाज में कुल 2 लाख 78 हजार 583 रुपये खर्च हुए। उन्होंने बीमा कंपनी में क्लेम किया, लेकिन कंपनी ने यह कहकर दावा खारिज कर दिया कि पॉलिसी लेते समय उन्होंने अपनी पुरानी बीमारी की जानकारी नहीं दी थी।
उपभोक्ता आयोग में की शिकायत
इसके बाद अंतर सिंह दरबार ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के बाद आयोग ने बीमा कंपनी को इलाज की पूरी राशि 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया।
साथ ही मानसिक परेशानी और केस खर्च के रूप में 30 हजार रुपये अतिरिक्त देने के निर्देश भी दिए गए। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।
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