Related Articles
दिल्ली के ‘फांसी घर’ विवाद मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली विधानसभा ने उनकी उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने विशेषाधिकार समिति की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग करने की बात कही थी।
दरअसल, केजरीवाल को 6 मार्च को विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होना था। इससे पहले उन्होंने कहा था कि इस कार्यवाही का सीधा प्रसारण (लाइव) किया जाना चाहिए, लेकिन विधानसभा सचिवालय ने इसे मंजूर नहीं किया।
कार्यवाही को बताया गोपनीय
विधानसभा सचिवालय ने जारी पत्र में कहा कि विशेषाधिकार समिति की बैठकें पूरी तरह गोपनीय होती हैं। नियमों के अनुसार इन बैठकों का लाइव प्रसारण या टेलीकास्ट नहीं किया जा सकता।
सचिवालय ने यह भी बताया कि न तो संसद में और न ही किसी राज्य की विधानसभा में ऐसी बैठकों का लाइव प्रसारण किया जाता है।
केजरीवाल के अनुभव पर उठे सवाल
विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष ने केजरीवाल की मांग पर आश्चर्य जताया। उन्होंने कहा कि केजरीवाल पिछले 10 साल से ज्यादा समय से विधानसभा के सदस्य रहे हैं और कई बार समिति की बैठकों में शामिल भी हो चुके हैं। इसलिए उन्हें नियमों की जानकारी होनी चाहिए कि ऐसी बैठकों का कभी लाइव प्रसारण नहीं होता।
क्या है ‘फांसी घर’ विवाद
यह मामला साल 2022 से जुड़ा है। उस समय केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा परिसर में एक स्थान का उद्घाटन ‘फांसी घर’ के रूप में किया था। दावा किया गया था कि ब्रिटिश काल में यहां स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी जाती थी।
हालांकि बीजेपी ने इस दावे को गलत बताते हुए कहा कि यह जगह वास्तव में टिफिन रूम (भोजन कक्ष) थी।
वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने भी 1911-1912 के नक्शों और नेशनल आर्काइव के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि वहां फांसी घर का कोई उल्लेख नहीं है।
अब विशेषाधिकार समिति इस मामले की जांच कर रही है कि क्या उस जगह के इतिहास को लेकर गलत जानकारी दी गई थी।
CHANNEL009 Connects India
