Related Articles
महाराष्ट्र में एक पिता ने अपने बेटे की मौत के बाद ऐसा फैसला लिया, जिसकी हर जगह सराहना हो रही है। बीड जिले के राक्षसभुवन गांव के रहने वाले 21 वर्षीय संग्राम रमेश गाडे के निधन के बाद उनके परिवार ने अंगदान करने का निर्णय लिया। इस फैसले से अब पांच जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा।
सड़क हादसे में लगी थी गंभीर चोट
जानकारी के अनुसार 5 मार्च को पुणे जिले के जेजुरी में संग्राम का सड़क हादसा हो गया था। दुर्घटना में उसके सिर पर गंभीर चोट आई। उसे तुरंत पुणे के सह्याद्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन भी किया। लेकिन काफी कोशिशों के बाद भी उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ और डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया।
पिता के शब्द सुनकर भावुक हुए डॉक्टर
इलाज के बाद संग्राम को बीड के जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसके माता-पिता से अंगदान के बारे में बात की। डॉक्टरों ने जब पूछा कि क्या वे बेटे की आंखें दान करना चाहेंगे, तो पिता रमेश गाडे ने भावुक होकर कहा—
“मेरे बेटे की सिर्फ आंखें ही क्यों, उसका पूरा शरीर ले लो। अगर उसका शरीर किसी के काम आ जाए और किसी को नई जिंदगी मिल जाए, तो इससे बड़ा पुण्य क्या होगा।”
पिता के ये शब्द सुनकर वहां मौजूद डॉक्टर और लोग भी भावुक हो गए।
पांच लोगों को मिलेगा जीवनदान
परिवार की सहमति के बाद संग्राम के अंग पांच अलग-अलग जरूरतमंद मरीजों को दान किए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
संग्राम के पिता ने कहा कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसके अंग किसी और के शरीर में जीवित रहेंगे। गाडे परिवार के इस फैसले को लोग मानवता की बड़ी मिसाल मान रहे हैं और अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कदम बता रहे हैं।
CHANNEL009 Connects India
