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मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव का असर अब आम लोगों की रसोई पर दिखने लगा है। उदयपुर में खाने के तेल के दाम तेजी से बढ़ गए हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ रहा है।
तेल क्यों महंगा हुआ?
सोयाबीन और पाम तेल का ज्यादा हिस्सा विदेशों से आता है। अभी आयात कम हो गया है, जिससे बाजार में कमी हो गई है। इसी कारण सरसों और मूंगफली तेल के दाम भी बढ़ गए हैं।
सोयाबीन में तेजी
सोयाबीन के दाम करीब 4800 रुपए से बढ़कर 5600 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं।
सोयाबीन तेल का 15 किलो टिन पहले 2320 रुपए था, अब करीब 2570 रुपए हो गया है।
सरसों और मूंगफली तेल भी महंगे
- सरसों के दाम 6000 से बढ़कर 6600 रुपए प्रति क्विंटल हो गए हैं।
- सरसों तेल का 15 किलो टिन अब करीब 2500 रुपए हो गया है।
- मूंगफली के दाम भी 500-600 रुपए प्रति क्विंटल बढ़े हैं।
- मूंगफली तेल का 15 किलो टिन 3000 रुपए से ऊपर पहुंच गया है।
अन्य तेलों के दाम भी बढ़े
- सोयाबीन तेल: 2320 → 2570 रुपए
- सरसों तेल: 2320 → 2500 रुपए
- मूंगफली तेल: 2920 → 3000+ रुपए
- पाम तेल: 2230 → 2330 रुपए
- सनफ्लावर तेल: 2450 → 2600 रुपए
आगे क्या होगा?
व्यापारियों का कहना है कि अगर विदेशों से तेल की सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई, तो आने वाले समय में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष:
तेल की बढ़ती कीमतों से आम आदमी की रसोई पर सीधा असर पड़ रहा है और खर्च बढ़ता जा रहा है।
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