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राजस्थान के राजसमंद जिले में कुछ निजी स्कूलों ने कक्षा 10वीं की द्वितीय बोर्ड परीक्षा के लिए “लिस्ट ऑफ कैंडिडेट (एलओसी)” भरने के नाम पर तीन महीने की ट्यूशन फीस मांगी। इस मामले पर सीबीएसई ने कड़ा रुख अपनाया है और स्कूलों को तुरंत इस प्रथा को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
CBSE की चेतावनी
- परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने 30 मार्च को आदेश दिया कि एलओसी भरने के दौरान किसी भी प्रकार का अतिरिक्त या अनधिकृत शुल्क लेना नियमों के खिलाफ है।
- केवल एलओसी परिपत्र में तय परीक्षा शुल्क ही लिया जा सकता है।
- नियम तोड़ने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एलओसी जमा करने की प्रक्रिया
सीबीएसई ने इसे तीन चरणों में बांटा है:
- चरण 1: एलओसी फॉर्म भरना, कोई शुल्क नहीं। इसका उद्देश्य परीक्षार्थियों की संख्या जानना है।
- चरण 2 और 3: छात्र अपने नामांकन या विषय बदल सकते हैं और निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करेंगे।
- पूरी प्रक्रिया उसी स्कूल के माध्यम से होगी, जहां छात्र ने मुख्य परीक्षा दी थी।
नियमों का उल्लंघन
- नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
- यदि कोई छात्र एलओसी भरने और परीक्षा शुल्क देने के बाद द्वितीय परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसके मुख्य परीक्षा के अंक ही परिणाम के लिए आधार होंगे।
इस फैसले से अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव कम होगा और परीक्षा प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
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