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जशपुर: पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जैसे विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए अब हर महीने नियमित मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे। यह फैसला राज्यपाल रमेन डेका ने जिला पंचायत में अधिकारियों के साथ बैठक में लिया।
स्वास्थ्य और मेडिकल सुविधाओं के निर्देश
- संभावित टीबी मरीजों का बेहतर इलाज कराना।
- महिलाओं के स्तन कैंसर की जांच और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर, अंबिकापुर और AIIMS रायपुर से सुविधा उपलब्ध कराना।
- सिकल सेल बीमारी और रेड क्रॉस सोसायटी के कार्यक्रमों को बढ़ावा देना।
- विशेष पिछड़ी जनजाति बसाहटों में गांव-गांव स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश।
शिक्षा और कौशल विकास
- पहाड़ी कोरवा और बिरहोर परिवारों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ना।
- शाम के समय बच्चों और युवाओं को बौद्धिक और कौशल विकास गतिविधियों में शामिल करना।
पर्यावरण और जल संरक्षण
- अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को बेहतर क्रियान्वित करना।
- छोटे-बड़े किसानों के खेतों में डबरी निर्माण और पुराने कुओं का जीर्णोद्धार करना।
- जल संरक्षण और संवर्धन के बेहतर कार्यों को प्रोत्साहित करना।
स्व-सहायता समूह और महिला सशक्तिकरण
- स्व-सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर और हस्तकला में पारंगत बनाने के लिए प्रशिक्षण।
- समूह की महिलाओं को आसाम और ओडिशा भेजकर नए डिज़ाइन साड़ी, सॉल और अन्य सामग्री तैयार करने के निर्देश।
अन्य निर्देश
- बच्चों को नशापान से दूर रखने के प्रयास।
- जिले में नावाचार को बढ़ावा देना।
- विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करना।
- उत्कृष्ट काम करने वाले लोगों को राजभवन में सम्मानित करना।
इस पहल से जशपुर जिले की विशेष पिछड़ी जनजातियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
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