Breaking News

सीमा पर तनाव का असर: 6 साल का बच्चा खिलौनों में खोज रहा ‘सुरक्षा’

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद: LoC पर 6 साल के बच्चे की ‘सुरक्षा’ की मासूम तलाश

श्रीनगर। ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन नियंत्रण रेखा यानी LoC के पास बसे कई गांवों में जिंदगी आज भी डर और अनिश्चितता के बीच आगे बढ़ रही है। सीमा पर रहने वाले परिवारों के लिए शांति सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि रोजमर्रा की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी माहौल में एक 6 साल के बच्चे की कहानी सामने आई है, जो सीमावर्ती इलाकों में पल रहे बचपन की चुप पीड़ा को सामने रखती है।

कभी उसके हाथ में Winnie the Pooh जैसा मासूम खिलौना था। वह उसी से खेलता था, उसी के साथ अपनी छोटी-सी दुनिया बनाता था। लेकिन अब उसके हाथ में एक प्लास्टिक की बंदूक है। बच्चे के लिए यह बंदूक खेल का सामान नहीं, बल्कि सुरक्षा का अहसास बन गई है। वह समझ नहीं पाता कि सीमा पर तनाव क्यों है, धमाकों की आवाज क्यों आती है, लोग अचानक सुरक्षित जगहों की बात क्यों करने लगते हैं। लेकिन इतना जरूर समझने लगा है कि डर से बचने के लिए कोई “हथियार” होना चाहिए।

यह बदलाव किसी एक बच्चे की कहानी नहीं, बल्कि LoC के पास रहने वाले उन तमाम बच्चों की स्थिति को दिखाता है, जिनका बचपन सामान्य बच्चों जैसा नहीं रहा। जहां दूसरे बच्चे खिलौनों, स्कूल और खेल के मैदानों की बात करते हैं, वहीं सीमावर्ती इलाकों के बच्चे बंकर, फौज, गोलीबारी और सुरक्षा जैसे शब्द जल्दी सीख जाते हैं।

स्थानीय परिवारों का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, लेकिन सीमावर्ती जीवन की चुनौतियां अभी भी खत्म नहीं हुईं। कई घरों में बच्चे रात की आवाजों से डर जाते हैं। कुछ बच्चे तेज आवाज सुनते ही चौंक जाते हैं, तो कुछ अपने माता-पिता से बार-बार पूछते हैं कि “क्या हम सुरक्षित हैं?”

इस बच्चे की प्लास्टिक बंदूक उसी डर का मासूम जवाब है। वह अपने तरीके से खुद को मजबूत महसूस करना चाहता है। उसके माता-पिता के लिए यह दृश्य भावुक करने वाला भी है और चिंता बढ़ाने वाला भी। उन्हें लगता है कि जिस उम्र में बच्चे को कहानियां, रंग और खिलौने पसंद आने चाहिए, उस उम्र में वह सुरक्षा और खतरे की भाषा समझने लगा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संघर्ष वाले इलाकों में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। ऐसे बच्चे कई बार अपने डर को सीधे शब्दों में नहीं बता पाते, लेकिन उनके व्यवहार, सवालों और खेलने के तरीके में वह

About admin

Check Also

निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 गाड़ियां, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री ने वाहन कम करने से किया इनकार!

बिहार में मंत्री के काफिले पर सियासत तेज, निशांत कुमार के काफिले में दिखीं 13 …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?