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बलिया में शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही, रोक के बावजूद 179 संदिग्ध कर्मचारियों का वेतन जारी
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में शिक्षा विभाग से जुड़ा चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि विभाग में रोक के बावजूद 179 संदिग्ध या फर्जी कर्मचारियों का वेतन जारी किया जा रहा है। इतना ही नहीं, एक व्यक्ति के चपरासी और शिक्षामित्र दोनों पदों पर कार्यरत होने का मामला भी सामने आया है।
यह मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब जांच की मांग तेज हो गई है कि आखिर रोक के बाद भी इन कर्मचारियों को भुगतान कैसे किया गया।

एक ही व्यक्ति दो पदों पर
रिपोर्ट्स के अनुसार, बलिया में एक व्यक्ति का नाम चपरासी और शिक्षामित्र दोनों पदों पर दर्ज पाया गया। नियमों के अनुसार एक व्यक्ति एक ही समय में दो सरकारी या मानदेय आधारित पदों पर वेतन नहीं ले सकता। ऐसे में यह मामला विभागीय रिकॉर्ड और वेतन प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
179 कर्मचारियों का वेतन जारी
बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग में 179 कर्मचारियों को लेकर पहले से आपत्ति या रोक लगाई गई थी। इसके बावजूद इनका वेतन जारी होता रहा। अब सवाल उठ रहा है कि वेतन जारी करने की अनुमति किस स्तर से दी गई और जिम्मेदार अधिकारियों ने जांच क्यों नहीं की।
विभागीय जांच की मांग
मामले के सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा जा सकता है। जांच में यह देखा जाएगा कि कर्मचारियों की नियुक्ति वैध थी या नहीं, वेतन किस आधार पर जारी हुआ और क्या इसमें किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत थी।
सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप
अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह सरकारी धन के दुरुपयोग का बड़ा मामला बन सकता है। ऐसे मामलों में वेतन रिकवरी, विभागीय कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
फिलहाल बलिया शिक्षा विभाग का यह मामला प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट और जिम्मेदारों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।
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