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ग्राम सभा खदरी खड़क माफ श्यामपुर में गंगा तट पर नए घाटों के निर्माण के लिए एक संयुक्त दल ने भूमि का भौतिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण उस क्षेत्र में किया गया, जहां घाटों का प्रस्तावित निर्माण किया जाएगा। दल ने न केवल निर्माण स्थल का मुआयना किया, बल्कि ग्राम सभा में जल संरक्षण के लिए मौजूद प्राकृतिक जल स्रोतों का भी दौरा किया। इस निरीक्षण की रिपोर्ट जल्द ही विभागीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी।
जिला गंगा सुरक्षा समिति के सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि क्षेत्र की जनसंख्या 20,000 से अधिक है, और यहां मुक्ति धाम तथा पूजा घाटों की कमी के कारण ग्रामीणों को कांवड़ यात्रा और चार धाम यात्रा के समय कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नए घाटों के निर्माण से स्थानीय लोगों की समस्याएं दूर होंगी और उन्हें अंतिम संस्कार के लिए टिहरी जनपद के पूर्णानंद घाट नहीं जाना पड़ेगा, जिससे समय और संसाधनों की बचत होगी।
विनोद जुगलान ने यह भी बताया कि पूजा घाट के संचालन से स्थानीय युवाओं और महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस विषय को लेकर 30 अक्टूबर को देहरादून में आयोजित जिला गंगा सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में खदरी खड़क माफ ग्राम सभा की उपेक्षा का मुद्दा भी उठाया गया था। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता दिनेश चंद्र उनियाल ने मामले का संज्ञान लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को मौके का मुआयना करने और भौतिक निरीक्षण की रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिए थे। सिंचाई विभाग के उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह श्रीकोटी ने कहा कि भौतिक निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर मुख्य विकास अधिकारी को भेजी जाएगी।
इस तरह के निर्माण कार्य से न केवल धार्मिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, बल्कि स्थानीय विकास और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे, जो कि ग्रामीणों के जीवन स्तर को सुधारने में मददगार साबित होंगे।
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