Related Articles
सर्दियों में कोहरे के कारण अक्सर ट्रेनें देरी से चलती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी होती है। इस समस्या को हल करने के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने लोको पायलटों के लिए खास फॉग सेफ्टी डिवाइस उपलब्ध कराए हैं। अब तक चारों मंडलों में 875 फॉग सेफ्टी डिवाइस बांटे जा चुके हैं, जिसमें जोधपुर मंडल को 202 डिवाइस मिले हैं। इन डिवाइस की उम्र पांच साल होती है और पुराने डिवाइसों की अवधि समाप्त होने पर नए डिवाइस दिए गए हैं।
इसके साथ ही रेलवे ने निम्न तैयारियां की हैं:
- कोहरे के समय लोको पायलटों को ट्रेन की गति 60 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे भी कम रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- सिग्नलों के बोर्डों पर चमकीली पट्टियाँ लगाई जा रही हैं ताकि पायलटों को संकेत आसानी से दिख सकें।
- स्टेशन मास्टरों को कोहरे के दौरान विजिबिलिटी टेस्ट ऑब्जेक्ट (वीटीओ) का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोको पायलटों को मदद मिल सके।
- सर्दियों में पटरियों के फ्रेक्चर की संभावना को देखते हुए अल्ट्रासाउंड मशीनों से उनकी जांच की जा रही है।
- पटरियों में फ्रेक्चर की संभावनाओं वाले क्षेत्रों में कोल्ड वेदर पेट्रोलिंग की जा रही है।
कोहरे की समस्या को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है।
CHANNEL009 Connects India
