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हाइटेक एजुकेशन की शुरुआत:
प्रदेश के स्कूलों में अब पारंपरिक शिक्षा के साथ हाइटेक एजुकेशन दी जाएगी। शिक्षकों की कमी को दूर करने और छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए राज्य ओपन बोर्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का सहारा लेने का फैसला किया है।
एआई से जुड़े प्रमुख बदलाव:
- कंप्यूटर लैब की स्थापना:
स्कूलों में अलग से कंप्यूटर लैब तैयार की जाएगी। हर लैब में 20 कंप्यूटर होंगे और नेट कनेक्टिविटी के साथ एक्सपर्ट की मदद मिलेगी। - एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करना:
राज्य ओपन बोर्ड हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के गणित और कंप्यूटर साइंस के छात्रों के लिए एआई को एक अलग विषय के रूप में जोड़ेगा।
50 स्कूलों में शुरू होगी सुविधा:
- राज्य ओपन बोर्ड ने प्रदेश के 50 स्कूलों को हाइटेक एजुकेशन के लिए चुना है।
- इन स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्रों को देश-विदेश की गतिविधियों से भी अपडेट रखा जाएगा।
परीक्षाओं की प्रक्रिया:
- राज्य ओपन बोर्ड हर साल पांचवीं से 12वीं तक की परीक्षा आयोजित करता है।
- परीक्षा साल में दो बार कराई जाती है, जिसमें करीब एक लाख छात्र शामिल होते हैं।
- “रुक जाना नहीं” योजना के तहत माध्यमिक शिक्षा मंडल में फेल छात्रों को पास होने का एक और मौका दिया जाता है।
डायरेक्टर का बयान:
“शिक्षा की प्रक्रिया को हाइटेक बनाने और अपडेट करने के लिए एआई का उपयोग किया जाएगा। स्कूलों में लैब तैयार की जाएगी और पाठ्यक्रम में एआई विषय को भी जोड़ा जाएगा।”
– पीआर तिवारी, डायरेक्टर, राज्य ओपन बोर्ड
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