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टीकमगढ़ जिले में गेहूं का ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इसके दाम कृषि उपज मंडी में 2860 से 3000 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं। जबकि सरकारी समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल था। इस बढ़ोतरी के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सोयाबीन के दाम समर्थन मूल्य से 692 रुपये कम हैं और यह लगभग एक महीने से स्थिर हैं।
किसानों को गेहूं के दाम में निराशा मिली है। मार्च-अप्रैल में गेहूं के दाम 2100 से 2350 रुपये प्रति क्विंटल के बीच थे, और फिर यह 2425 रुपये से बढ़कर 2700 रुपये तक पहुंचे। अब रबी सीजन में गेहूं के दाम 2850 से 3000 रुपये तक पहुंच गए हैं। इस समय किसान सोयाबीन और मूंगफली की जगह गेहूं लेकर मंडी पहुंच रहे हैं।
सोयाबीन का समर्थन मूल्य 4892 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया था, लेकिन जिले में खरीद केंद्र शुरू नहीं होने के कारण मंडी में सोयाबीन 4200 रुपये प्रति क्विंटल ही बिक रहा है। पिछले साल उड़द 7000-7500 रुपये प्रति क्विंटल तक बिकता था, जबकि इस बार इसके दाम 5000 से 6500 रुपये के बीच हैं। सोयाबीन और मूंगफली के दाम भी 3800 से 4200 रुपये प्रति क्विंटल के बीच स्थिर हैं।
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