CA बनकर 59 लोगों से ₹3.74 करोड़ की ठगी, फर्जी निवेश और टैक्स सलाह के जाल में फंसाता था आरोपी
channel_009 | Crime News
चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA बनकर लोगों को भरोसे में लेने और करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने 59 लोगों से करीब ₹3.74 करोड़ की धोखाधड़ी की।
आरोप है कि वह खुद को वित्त और टैक्स मामलों का जानकार बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह निवेश, टैक्स बचत, रिटर्न बढ़ाने और सुरक्षित स्कीमों के नाम पर भरोसा जीतता, फिर उनसे बड़ी रकम अपने खातों या उससे जुड़े खातों में ट्रांसफर करवाता था।
कई पीड़ितों को कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज, नकली रसीदें और निवेश से जुड़े झूठे रिकॉर्ड दिखाए गए। शुरुआत में कुछ लोगों को मामूली रकम वापस देकर भरोसा कायम किया गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद हो गया। जब पीड़ितों ने पैसा मांगना शुरू किया, तो आरोपी टालमटोल करने लगा और संपर्क से बचने लगा।
शिकायतें बढ़ने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। बैंक खातों, मोबाइल नंबरों, लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की पड़ताल के दौरान आरोपी की भूमिका सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क में और लोग शामिल थे या नहीं और ठगी की रकम कहां निवेश या ट्रांसफर की गई।
जांच एजेंसियां आरोपी के बैंक खातों को फ्रीज करने, संपत्तियों का पता लगाने और पीड़ितों की रकम वापस दिलाने की प्रक्रिया पर भी काम कर सकती हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश या टैक्स सलाह से पहले संबंधित व्यक्ति की पेशेवर पहचान और रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें।
channel_009 निष्कर्ष:
फर्जी CA बनकर की गई यह ठगी बताती है कि भरोसे और वित्तीय जानकारी का गलत इस्तेमाल कितना खतरनाक हो सकता है। किसी भी निवेश से पहले दस्तावेजों और सलाहकार की पहचान की पुष्टि जरूरी है।
आपकी राय क्या है—क्या वित्तीय सलाह देने वालों के ऑनलाइन सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था होनी चाहिए? कमेंट में बताइए।
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