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भानुप्रतापपुर। भानुप्रतापपुर क्षेत्र में लोगों को आतंकित करने वाले खूंखार भालू का शव मंगलवार को वन विभाग की टीम को मिला। वन विभाग की टीम लगातार भालू की लोकेशन का पता लगा रही थी, और आखिरकार 200 मीटर की दूरी पर उसका शव मिला।
भालू ने कई लोगों को किया था घायल और मारा
इस भालू ने पिता-पुत्र पर बुरी तरह हमला कर उनकी जान ले ली थी। इसके अलावा, वन विभाग के डिप्टी रेंजर और एक युवक को भी घायल कर दिया था। भालू के शव का पोस्टमार्टम करवा कर वन विभाग ने उसका अंतिम संस्कार किया।
भालू की मौत कैसे हुई, यह नहीं पता चला
भालू की मौत के कारण के बारे में फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन पशु चिकित्सकों का मानना है कि भालू का शव दो से तीन दिन पुराना हो सकता है और उसकी मौत का कारण रेबीज हो सकता है।
भालू का हमला 18 जनवरी को हुआ था
18 जनवरी को डोंगरकट्टा गांव के पास जंगल में दो लोग लकड़ी काटने गए थे, तभी भालू ने एक युवक पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। दूसरा युवक किसी तरह भाग कर जान बचाने में सफल रहा। इसके बाद जब वन विभाग की टीम शव को लेने के लिए गई, तो भालू ने एक और हमला किया, जिसमें मृतक के पिता शंकर दर्रो की भी जान चली गई, और वन विभाग के डिप्टी रेंजर नारायण यादव गंभीर रूप से घायल हो गए।
पोस्टमार्टम के बाद मौत का कारण होगा स्पष्ट
भालू का शव घटना स्थल से कुछ दूरी पर पाया गया। वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही भालू की मौत के कारण का पता चल सकेगा।
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