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सुकमा (छत्तीसगढ़) – तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि नहीं मिलने और पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के घर हुई छापेमारी के विरोध में सुकमा में जोरदार धरना प्रदर्शन हुआ। बड़ी संख्या में संग्राहक और स्थानीय नेता सड़कों पर उतरे और वन विभाग (DFO) कार्यालय का घेराव किया।
छापेमारी को बताया बदले की कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि 10 अप्रैल 2025 को पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के घर पर जो छापा पड़ा, वह दुर्भावनापूर्ण था। रामा सोड़ी ने बताया कि मनीष कुंजाम ने ही 8 जनवरी 2025 को तेंदूपत्ता बोनस घोटाले का पर्दाफाश किया था। इसी का बदला लेने के लिए अब उनके ऊपर कार्रवाई की जा रही है।
क्या है तेंदूपत्ता बोनस घोटाला?
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घोटाले की रकम करीब 6.54 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
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इसमें से 3.61 करोड़ रुपए नगद और बाकी रकम ऑनलाइन खातों में ट्रांसफर होनी थी।
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लेकिन जांच में पता चला कि किसानों को कोई भुगतान नहीं हुआ।
वायरल हुई थी नकदी की फोटो, अब तक नहीं हुई कार्रवाई
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि जून 2024 में एक तेंदूपत्ता प्रबंधक के घर से 1.5 करोड़ रुपए नकद की फोटो वायरल हुई थी। लेकिन आज तक इस मामले में कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई।
प्रदर्शन में शामिल रहे ये लोग
धरने में बस्तरिया राज मोर्चा के जिला प्रभारी रामा सोड़ी, कांग्रेस नेता महेश्वरी बघेल, बीएसपी नेता सोलोमन गांडा, आराधना मरकाम, हड़मा राम और राजेश नाग समेत कई संग्राहक शामिल हुए।
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
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तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनकी बोनस राशि तुरंत दी जाए।
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घोटाले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के अंत में एक ज्ञापन राज्यपाल के नाम उपवन मंडल अधिकारी को सौंपा गया और चेतावनी दी गई कि अगर मांगें जल्द नहीं मानी गईं तो चक्काजाम जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे।
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