E10 गाड़ियों में E20 ईंधन से घट सकता है माइलेज, रबर पार्ट्स खराब होने का भी खतरा; ARAI रिपोर्ट में खुलासा
channel_009 | Auto News
E10 गाड़ियों में E20 ईंधन के इस्तेमाल को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। ARAI की इंजन टेस्टिंग रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिन गाड़ियों को E10 ईंधन के हिसाब से बनाया गया है, उनमें E20 पेट्रोल डालने से माइलेज घट सकता है। इसके साथ ही वाहन के कुछ रबर पार्ट्स और फ्यूल सिस्टम से जुड़े हिस्सों पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
E20 ईंधन में पेट्रोल के साथ 20% एथेनॉल मिलाया जाता है, जबकि E10 में एथेनॉल की मात्रा 10% होती है। नई गाड़ियों को E20 के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, लेकिन पुरानी या E10 कम्पैटिबल गाड़ियों में इसका असर अलग हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे वाहनों में इंजन की परफॉर्मेंस, फ्यूल एफिशिएंसी और पार्ट्स की लाइफ पर प्रभाव पड़ सकता है।
सबसे बड़ी चिंता माइलेज को लेकर है। अगर E10 गाड़ी में लगातार E20 पेट्रोल डाला जाता है, तो वाहन मालिकों को पहले के मुकाबले कम माइलेज मिल सकता है। इसके अलावा रबर सील, पाइप और फ्यूल लाइन जैसे पार्ट्स समय से पहले खराब हो सकते हैं, जिससे मेंटेनेंस खर्च भी बढ़ सकता है।
हालांकि, सरकार एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है ताकि कच्चे तेल पर निर्भरता कम हो और प्रदूषण में कमी लाई जा सके। लेकिन वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे अपनी गाड़ी के मैनुअल या कंपनी की सलाह जरूर जांचें कि उनका वाहन E20 ईंधन के लिए उपयुक्त है या नहीं।
channel_009 निष्कर्ष:
E20 ईंधन देश के लिए पर्यावरण और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम कदम है, लेकिन E10 गाड़ियों के मालिकों को सावधानी बरतनी होगी। गलत ईंधन से माइलेज और पार्ट्स दोनों पर असर पड़ सकता है।
आपकी राय क्या है — क्या E20 ईंधन लागू करने से पहले पुरानी गाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था होनी चाहिए? कमेंट में बताइए।
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