राजस्थान में अब लिग्नाइट (कोयला के प्रकार) से बिजली उत्पादन बढ़ाने की योजना है। बीकानेर के गुढ़ा वेस्ट में 125 मेगावाट की तीन यूनिट्स लगाई जाएंगी। इससे हर दिन करीब 90 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। शुरुआत में उत्पादन लागत 5 रुपये प्रति यूनिट होगी, लेकिन बाद में यह कम होगी। खास बात यह है कि राजस्थान में ही लिग्नाइट की खदानें हैं, जिससे कोयले पर निर्भरता कम हो जाएगी और बिजली की लागत सस्ती होगी।
सस्ता उत्पादन का कारण: राजस्थान में लिग्नाइट की खदानें हैं, इसलिए कोयला लाने के लिए जो परिवहन लागत होती थी, वह बच जाएगी। फिलहाल कोयला छत्तीसगढ़ और ओडिशा से मंगवाया जाता है, जिससे काफी खर्च होता है। लिग्नाइट आधारित पावर प्लांट से बिजली उत्पादन 90 पैसे से एक रुपये प्रति यूनिट सस्ता होगा।
बिजली संकट का समाधान: राज्य में अक्सर 2500 मेगावाट तक बिजली की कमी रहती है। सोलर और विंड एनर्जी से उत्पादन कम होने पर यह कमी और बढ़ जाती है। ऐसे में सस्ती बिजली के लिए राज्य को अपने पावर प्लांट्स की जरूरत थी। लिग्नाइट आधारित प्लांट्स इस समस्या का समाधान करेंगे।
विकास की गति: इस पावर प्लांट के लिए 119 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, जो अब जल्दी ही पूरी की जाएगी। प्रशासनिक कारणों से पहले इसमें देरी हो रही थी, लेकिन अब इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
फैक्ट फाइल:
- एक यूनिट बिजली उत्पादन में 900 ग्राम लिग्नाइट लगेगा।
- 25 साल के उत्पादन के लिए 25 मिलियन टन लिग्नाइट की आवश्यकता होगी।
- एनएलसी (नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन) के साथ 5050 करोड़ रुपये का एमओयू हो चुका है।
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