हार्ट फेल्योर या दिल की कमजोरी के शुरुआती संकेत अक्सर पैरों, टखनों और अंगूठों में सूजन के रूप में दिखाई देते हैं। कई लोग इसे सिर्फ थकान या किडनी की परेशानी समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह दिल की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
हार्ट फेल्योर क्या है?
हार्ट फेल्योर का मतलब यह नहीं कि दिल बंद हो गया है। यह स्थिति तब होती है जब दिल कमजोर पड़ जाता है और शरीर में उतना खून नहीं पंप कर पाता जितनी जरूरत होती है। नतीजतन, शरीर के निचले हिस्सों में खून और पानी जमा होने लगता है, खासकर पैरों और टखनों में।
पैरों में सूजन क्यों होती है?
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दिनभर खड़े रहने या लंबे समय तक बैठने से फ्लूड नीचे जमा हो जाता है।
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सुबह सूजन कम रहती है, दिनभर बढ़ती जाती है।
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रिसर्च बताती है कि हार्ट फेल्योर के 70% मरीजों में अस्पताल में भर्ती होने से पहले पैरों में सूजन देखी गई थी।
किडनी और नमक का असर
दिल कमजोर होने पर किडनी तक खून कम पहुंचता है। इसके कारण किडनी शरीर में नमक और पानी रोक देती है। अतिरिक्त पानी नसों से बाहर निकलकर टिश्यू में भर जाता है, जिससे पैरों में भारीपन और सूजन होती है।
घर पर आसान टेस्ट – पिटिंग एडिमा
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टखने या पिंडली पर 5 सेकंड उंगली से दबाएं।
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अगर उंगली हटाने के बाद वहां गड्ढा बन जाता है और जल्दी नहीं भरता, तो इसे पिटिंग एडिमा कहते हैं।
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त्वचा खींची हुई और चमकदार दिखे, या पैर भारी लगें तो इसे गंभीरता से लें।
किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
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40 साल से ऊपर के लोग
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हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज
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मोटापे या शराब सेवन करने वाले लोग
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जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो
क्या करें?
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खाने में नमक कम करें
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लंबे समय तक एक जगह न बैठें या खड़े रहें
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आराम करते समय पैरों को थोड़ा ऊंचा रखें
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रोज अपना वजन नोट करें
क्या न करें?
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बिना डॉक्टर की सलाह डाइयुरेटिक दवा न लें
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पैरों की सूजन को सिर्फ थकान समझकर नजरअंदाज न करें
नोट: समय रहते पैरों की सूजन पहचानकर डॉक्टर से सलाह लेने से हार्ट अटैक या गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।
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