Breaking News
india-croasia

PM मोदी बने क्रोएशिया जाने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री, भारत के लिए इस दौरे का क्या है महत्व?

क्रोएशिया/नई दिल्ली – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी त्रिस्तरीय विदेश यात्रा के अंतिम चरण में बुधवार को क्रोएशिया पहुंचे। यह ऐतिहासिक दौरा इसलिए खास है क्योंकि मोदी भारत के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने इस यूरोपीय बाल्कन देश की यात्रा की है। इससे पहले उन्होंने साइप्रस और कनाडा का दौरा किया था।

क्रोएशिया से रिश्ते: रणनीतिक और संभावनाओं से भरपूर

भारत और क्रोएशिया के रिश्ते भले ही अब तक सीमित दायरे में रहे हों, लेकिन इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों में नई ऊर्जा भर दी है। प्रधानमंत्री मोदी इस दौरे में व्यापार, तकनीक, संस्कृति, रक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के विविध क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

यूरोपीय संघ में भारत की पकड़ मजबूत करने की कोशिश

क्रोएशिया यूरोपीय संघ (EU) और नाटो (NATO) का सदस्य है, जिससे भारत के लिए यह रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बन जाता है। बाल्कन क्षेत्र में स्थित होने के कारण यह पश्चिम एशिया और यूरोप के बीच एक रणनीतिक सेतु की भूमिका निभाता है। भारत, जो यूरोपीय देशों के साथ अपने राजनीतिक और आर्थिक रिश्तों को नई ऊंचाई देना चाहता है, उसके लिए यह दौरा एक ठोस पहल है।

नौसेना और रक्षा क्षेत्र में सहयोग की संभावना

एड्रियाटिक सागर के तट पर बसे क्रोएशिया की नौसेनिक तकनीक और शिपबिल्डिंग में विशेषज्ञता भारत के लिए विशेष रुचि का विषय है। संभावित रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा साझेदारी के क्षेत्र में दोनों देश साथ आ सकते हैं।

आईटी, हेल्थ टेक और टूरिज्म में नई संभावनाएं

क्रोएशिया जैसे छोटे लेकिन तकनीकी रूप से उन्नत देश के साथ भारत IT, मेडिकल टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और टूरिज्म के क्षेत्र में आपसी सहयोग की ओर बढ़ सकता है। सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान भी द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बना सकता है।


भारत की यूरोप नीति में अहम बदलाव

प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल बड़े यूरोपीय देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह रणनीतिक रूप से छोटे, लेकिन महत्वपूर्ण देशों से भी मजबूत रिश्ते बनाकर वैश्विक मंच पर अपना प्रभाव बढ़ा रहा है।


निष्कर्ष:
क्रोएशिया की यह यात्रा प्रतीकात्मक होने के साथ-साथ व्यवहारिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। भारत के लिए यह एक नया दरवाज़ा है — यूरोपीय राजनीति, रणनीति और अर्थव्यवस्था के दिल में पहुंचने का।

About Chandni Khan

Check Also

भिवाड़ी में कबाड़ गोदाम में भीषण आग, धमाकों से मची अफरा-तफरी

खैरथल जिले के भिवाड़ी में शनिवार सुबह एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?