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रींगस (सीकर)। प्रस्तावित रींगस-खाटूश्यामजी रेलवे लाइन को लेकर ग्रामीणों का विरोध शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि इस रेलवे लाइन की वजह से किसानों की ज़मीनें छीनी जाएंगी, जिससे खेती पर बुरा असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने एसडीएम ऑफिस पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और अपना विरोध दर्ज कराया।
क्यों हो रहा विरोध?
ग्रामीणों के मुताबिक:
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रेलवे लाइन के नक्शे और सर्वे में बार-बार बदलाव हो रहे हैं।
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इससे कई गांवों के किसानों की सिंचित जमीनें प्रभावित होंगी।
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कई रास्ते बंद हो जाएंगे जिससे गांवों में आने-जाने में परेशानी होगी।
किन-किन गांवों के लोग पहुंचे विरोध में?
कोटड़ी धायलान, तपिपल्या, आभावास, कैरपुरा सहित कई गांवों के लोग विरोध जताने पहुंचे।
कैलाश बाजिया, राधेश्याम कुमावत, रामेश्वर लाल बिजारनिया, रिछपाल, भगवान सिंह आदि ने कहा कि पहले भी रेलवे का सर्वे हो चुका है, अब नया सर्वे किसानों की जमीन के लिए खतरा बन गया है।
क्या है ग्रामीणों की मांग?
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रींगस जंक्शन को ही विकसित किया जाए क्योंकि यह खाटूश्यामजी से सिर्फ 15 किमी दूर है।
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वहां बेहतर सुविधा और स्टेशन बनाकर भीड़ को नियंत्रित किया जा सकता है।
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अगर नया स्टेशन बनाना ही है तो सुंदरपुरा जैसे वैकल्पिक स्थान का चयन किया जाए ताकि कम से कम जमीन ली जाए।
ग्रामीणों की चिंता
ग्रामीणों को डर है कि अगर यह रेलवे लाइन बनी, तो उनकी खेत, दुकान और मकान छिन सकते हैं। इसीलिए उन्होंने मुख्यमंत्री और रेल मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है और रेलवे लाइन को बदलने की मांग की है।
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