Related Articles
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश सरकार अब व्यापार और उद्योग शुरू करना आसान बनाने जा रही है। योगी सरकार निवेश बढ़ाने और सरकारी दफ्तरों की लालफीताशाही कम करने के लिए ‘Right to Business Act’ (व्यापार करने का अधिकार अधिनियम) लाने की तैयारी कर रही है। इस नए कानून के लागू होने के बाद राज्य में बिजनेस शुरू करना सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगा।
शपथ पत्र से तुरंत मंजूरी
इस नई व्यवस्था में उद्यमियों को एनओसी (NOC) या लाइसेंस का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। सिर्फ एक शपथ पत्र (Affidavit) देने पर उन्हें अंतरिम अनुमति मिल जाएगी और काम शुरू किया जा सकेगा। पहले किसी फैक्ट्री या यूनिट को शुरू करने के लिए दर्जनों विभागों से मंजूरी लेनी पड़ती थी, जिससे महीनों का समय बर्बाद होता था।
भरोसे पर आधारित शासन
‘राइट टू बिजनेस एक्ट’ के तहत उद्योग शुरू करने के बाद उद्यमियों को बाकी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया जाएगा। अगर बाद में कोई उद्यमी गलत जानकारी देता है या दोषी पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना और कार्रवाई होगी।
MSME और छोटे उद्यमियों को राहत
यह कदम विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए बड़ा लाभकारी होगा। छोटे व्यापारी और स्टार्टअप अब सरकारी कागजी कार्रवाई में फंसने की चिंता किए बिना दुकान, वर्कशॉप या फैक्ट्री शुरू कर सकेंगे। इससे पूंजी की बचत, रोजगार के नए अवसर और भ्रष्टाचार में कमी होगी।
निवेश और रोजगार में बढ़ोतरी
सरकार का मानना है कि जब ‘Ease of Doing Business’ जमीन पर दिखेगा, तो देश और विदेश के निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित होंगे। इससे प्रदेश में निवेश और रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।
रैंकिंग और संदेश
इस कदम से उत्तर प्रदेश की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग बेहतर होगी और निवेशकों को संदेश मिलेगा कि यूपी अब ‘रेड टेप’ नहीं, बल्कि ‘रेड कार्पेट’ के साथ उनका स्वागत कर रहा है। सरकार का उद्देश्य राज्य को निवेश का सबसे सुगम केंद्र बनाना है।
CHANNEL009 Connects India
