ईरान बोला- फंसे हुए पैसे लेने दोहा जा रहे, अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी
channel_009 | International News
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच एक नया बयान सामने आया है। ईरान ने साफ कहा है कि उसके प्रतिनिधि फंसे हुए पैसे लेने के लिए दोहा जा रहे हैं, लेकिन इसका मतलब अमेरिका से सीधी बातचीत नहीं है। ईरान ने दावा किया कि अमेरिका से कोई बातचीत नहीं होगी और अगर कोई संदेश या संवाद होगा, तो वह कतर और पाकिस्तान के जरिए किया जाएगा।
ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच रिश्ते पहले से तनावपूर्ण हैं। परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंध, तेल कारोबार और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव जारी है। ऐसे में दोहा दौरे को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन ईरान ने इसे फंसे हुए पैसों से जुड़ा मामला बताया है।
ईरान का कहना है कि वह अपने आर्थिक अधिकारों और फंसी हुई रकम को लेकर पीछे नहीं हटेगा। वहीं अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार कर ईरान ने यह भी संकेत दिया है कि वह फिलहाल वॉशिंगटन के साथ खुले मंच पर संवाद के मूड में नहीं है।
दूसरी तरफ, कतर और पाकिस्तान की भूमिका अहम मानी जा रही है। दोनों देश पहले भी क्षेत्रीय तनाव कम करने और संदेश पहुंचाने में मध्यस्थ जैसी भूमिका निभाते रहे हैं। अगर ट्रम्प के दामाद या अमेरिकी पक्ष की ओर से कोई संदेश आता है, तो वह इन देशों के जरिए आगे बढ़ सकता है।
channel_009 निष्कर्ष:
ईरान का दोहा दौरा आर्थिक मुद्दे से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार ने साफ कर दिया है कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अब भी बनी हुई है।
आपकी राय क्या है — क्या कतर और पाकिस्तान जैसे देशों की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान तनाव कम हो सकता है? कमेंट में बताइए।
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