“शहीद पिता के बदले की कसम खाते हैं…” खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद मोजतबा का पहला संबोधन
channel_009 | International News
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक संबोधन किया। अपने भावुक और तीखे भाषण में उन्होंने कहा कि उनके पिता की मौत का बदला लिया जाएगा और इसे भुलाया नहीं जाएगा।
मोजतबा ने कथित तौर पर कहा, “हम अपने शहीद पिता के बदले की कसम खाते हैं।” उनके इस बयान के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। संबोधन के दौरान उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने और देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहने की अपील भी की।
खामेनेई के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। राजधानी की सड़कों पर शोक जुलूस निकाला गया और समर्थकों ने अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ नारे लगाए। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शीर्ष सैन्य अधिकारी, धार्मिक नेता और सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मोजतबा के भाषण को केवल पारिवारिक शोक तक सीमित नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकार इसे ईरान के अगले नेतृत्व और सत्ता संतुलन से जोड़कर देख रहे हैं। खामेनेई के बाद देश की धार्मिक और राजनीतिक कमान किसके हाथ में जाएगी, इस पर लगातार चर्चा हो रही है।
वहीं, बदले की चेतावनी से क्षेत्र में नई सैन्य कार्रवाई का खतरा बढ़ सकता है। यदि ईरान ने कोई बड़ा जवाबी कदम उठाया, तो इसका असर पश्चिम एशिया की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजारों पर भी पड़ सकता है।
channel_009 निष्कर्ष:
मोजतबा खामेनेई का पहला संबोधन साफ संकेत देता है कि ईरान फिलहाल नरम रुख अपनाने के मूड में नहीं है। अब दुनिया की नजर इस बात पर रहेगी कि यह बयान केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया था या किसी बड़े जवाबी कदम की भूमिका।
क्या मोजतबा की बदले वाली चेतावनी से पश्चिम एशिया में नया संघर्ष भड़क सकता है? कमेंट में अपनी राय बताइए।
CHANNEL009 Connects India
