पेशावर:
पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने अफगानिस्तान की सीमा से सटे उत्तरी वजीरिस्तान में आतंकियों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान में कम से कम 14 आतंकवादी मारे गए हैं। जानकारी के मुताबिक यह ऑपरेशन 2 से 3 जून के बीच दत्ता खेल इलाके में चलाया गया था।
ISPR ने दी जानकारी
पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, सुरक्षा बलों को खुफिया इनपुट मिला था कि कुछ आतंकवादी एक विशेष स्थान पर छिपे हुए हैं। इसके बाद इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान भारी गोलीबारी हुई, जिसमें 14 आतंकवादी मारे गए।
सेना का कहना है कि क्षेत्र में अब भी कुछ आतंकी छिपे हो सकते हैं, जिनके खिलाफ सर्च ऑपरेशन जारी है। ISPR ने यह भी दोहराया कि सुरक्षा बल देश को आतंकवाद से मुक्त कराने के अपने मिशन में पूरी ताकत से जुटे हुए हैं।
टीटीपी (TTP) पर कार्रवाई
इससे पहले भी सुरक्षा बलों ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। हाल ही में एक घुसपैठ की कोशिश के दौरान पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर स्थित बिबक घर इलाके में मुठभेड़ में 41 आतंकी मारे गए थे। इनमें से अधिकतर अफगान नागरिक थे।
क्या है TTP?
TTP यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान एक चरमपंथी संगठन है जिसकी जड़ें अफगान तालिबान से जुड़ी हुई हैं, लेकिन यह पाकिस्तान में स्वतंत्र रूप से काम करता है। इसकी स्थापना बैतुल्लाह महसूद ने की थी, जो दक्षिण वजीरिस्तान के एक कद्दावर चरमपंथी नेता थे।
TTP कई छोटे-छोटे आतंकी गुटों का गठजोड़ है और 2020 के बाद इसने इन बिखरे संगठनों को फिर से एक मंच पर लाकर अपनी ताकत बढ़ाई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में यह संगठन काफी सक्रिय है और वहां सुरक्षा बलों पर बार-बार हमले करता रहा है।
निष्कर्ष
पाकिस्तानी सेना का यह अभियान दिखाता है कि वह देश के भीतर और सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवाद के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाए हुए है। लेकिन साथ ही, यह भी स्पष्ट हो रहा है कि TTP और अन्य आतंकी गुटों की गतिविधियां अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
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