Related Articles
भारत में मौसम की जानकारी अब पहले से ज्यादा सटीक और जल्दी मिलने लगी है। मौसम विभाग की तकनीक में सुधार होने से अब लू (हीटवेव) की चेतावनी 4–5 दिन पहले ही दी जा सकेगी। इससे राज्यों को गर्मी से बचाव के लिए समय पर तैयारी करने में मदद मिलेगी।
‘मिशन मौसम’ से हुआ बड़ा बदलाव
भारत सरकार के मिशन मौसम कार्यक्रम के तहत मौसम पूर्वानुमान प्रणाली को मजबूत किया गया है। इसके कारण अब सिर्फ लू ही नहीं, बल्कि चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की भविष्यवाणी भी पहले से ज्यादा सटीक हो गई है।
संसद में दी गई जानकारी
राज्यसभा में सांसद चुन्नीलाल गरासिया के सवाल के जवाब में विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम विभाग की तकनीकी क्षमता में बड़ा सुधार हुआ है। इससे राज्यों को हीट एक्शन प्लान लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा।
सुपरकंप्यूटर की मदद
मौसम पूर्वानुमान को बेहतर बनाने में पुणे और नोएडा में लगाए गए हाई परफॉर्मेंस सुपरकंप्यूटर ‘अर्क’ और ‘अरुणिका’ की अहम भूमिका है। इनकी मदद से मौसम की जानकारी का विश्लेषण तेजी और सटीकता से किया जा रहा है।
पूर्वानुमान में आया सुधार
-
चक्रवात के रास्ते की भविष्यवाणी में 20–25% तक सुधार हुआ है।
-
चक्रवात की तीव्रता का अनुमान अब 33–35% ज्यादा सटीक हो गया है।
-
लू की चेतावनी अब 4–5 दिन पहले जारी की जा रही है।
आम लोगों को क्या फायदा होगा
सरकार अब मिशन मौसम के अगले चरण पर काम कर रही है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
इससे आपदा प्रबंधन बेहतर होगा, किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए समय पर जानकारी मिलेगी और आम लोगों को भी मौसम की सटीक जानकारी पहले ही मिल सकेगी।
CHANNEL009 Connects India
