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निमाड़ में तेज गर्मी, लेकिन तापमान के आंकड़ों में दिख रहा अंतर

मार्च की शुरुआत में ही निमाड़ क्षेत्र में गर्मी बढ़ने लगी है। तेज धूप के कारण लोग गर्मी महसूस कर रहे हैं, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों में तापमान 36 से 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही बताया जा रहा है। इस बीच जिले में तापमान मापने वाली दो अलग-अलग इकाइयों के आंकड़ों में अंतर सामने आया है, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है।

दो विभागों के आंकड़ों में अंतर

जिले में मौसम की जानकारी देने के लिए जिला कृषि मौसम इकाई (डामू) और जिला भू-अभिलेख विभाग काम करते हैं। दोनों के तापमान के आंकड़ों में लगभग 1 से 2 डिग्री का अंतर देखा जा रहा है।

बुधवार को भी दोनों विभागों के आंकड़ों में करीब 1.4 डिग्री का फर्क पाया गया।

  • भू-अभिलेख विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान 37.1 डिग्री और न्यूनतम 19.0 डिग्री रहा।

  • वहीं डामू के अनुसार अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री और न्यूनतम 17.4 डिग्री दर्ज किया गया।

अलग-अलग स्थानों पर हैं वेधशालाएं

कृषि मौसम इकाई की वेधशाला कृषि विज्ञान केंद्र में स्थित है, जबकि भू-अभिलेख विभाग की वेधशाला जिला जेल के पास है। दोनों स्थानों के बीच सड़क मार्ग से लगभग डेढ़ किलोमीटर और हवाई दूरी से करीब आधा किलोमीटर का अंतर है।

उपकरणों और जगह का असर

तापमान और बारिश मापने के लिए उपकरणों का खुले स्थान पर होना जरूरी होता है।

  • डामू की वेधशाला खुली जगह पर है, जहां उपकरण सही तरीके से काम करते हैं।

  • वहीं भू-अभिलेख विभाग की वेधशाला के आसपास पेड़-पौधे अधिक हैं, जिससे तापमान और बारिश के आंकड़ों पर असर पड़ सकता है। यहां लगे कई उपकरण भी पुराने बताए जा रहे हैं।

एक सप्ताह के तापमान के आंकड़े

पिछले एक सप्ताह में दोनों विभागों के तापमान के आंकड़ों में लगातार अंतर देखा गया है। डामू के अनुसार कई दिनों में तापमान भू-अभिलेख के मुकाबले ज्यादा दर्ज किया गया।

विशेषज्ञों की राय

मौसम वैज्ञानिक डॉ. सौरव गुप्ता के अनुसार कृषि मौसम इकाई आधुनिक उपकरणों से तापमान मापती है, जिनके आंकड़े सैटेलाइट डेटा से भी मेल खाते हैं। उन्होंने बताया कि भू-अभिलेख केंद्र के आसपास हरियाली होने के कारण वहां तापमान कभी कम तो कभी ज्यादा दर्ज हो सकता है।

सुधार की तैयारी

जिला भू-अभिलेख प्रभारी कैलाश सिसोदिया ने कहा कि यदि पेड़ों की वजह से तापमान में अंतर आ रहा है तो वहां पेड़ों की छंटाई करवाई जाएगी। साथ ही पुरानी वेधशाला को नई जगह शिफ्ट करने की योजना भी बनाई जा रही है।

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