मध्य पूर्व में तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर में अपने दौरे के दौरान संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच चौथे दौर की बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि ईरान कुछ शर्तों पर सहमति जताने के लिए तैयार हो गया है और समझौता अब पहले से कहीं ज्यादा करीब है।
“हमें केवल एक चीज चाहिए– बिना बम का ईरान”
ट्रंप ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं चाहता हूं कि ईरान एक समृद्ध और महान राष्ट्र बने, लेकिन उसके पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। यह एक सीधी और सरल बात है।” उन्होंने बताया कि वार्ता ओमान में हुई, जहां तेहरान को एक नया प्रस्ताव दिया गया और दोनों पक्ष कूटनीतिक समाधान की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया और विरोध
हालांकि, इस सकारात्मक माहौल के बीच ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया भी सामने आई है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि ट्रंप का असली मकसद ईरान के भीतर अस्थिरता फैलाना है। उन्होंने कहा, “जो देश खुद क्षेत्रीय संकटों का जनक है, वह हम पर आरोप लगाकर अपनी नीति को सही नहीं ठहरा सकता।”
खाड़ी देशों की भूमिका
वार्ता को आगे बढ़ाने में कतर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ट्रंप ने कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी की सराहना करते हुए कहा कि वह ईरान और अमेरिका के बीच टकराव को रोकने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “ईरान को अपने अमीर का शुक्रगुजार होना चाहिए, जो उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वह नहीं चाहते कि हम सैन्य रास्ता अपनाएं।”
शांति की ओर बढ़ते कदम?
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच रिश्तों में लंबे समय से तल्खी बनी हुई है। लेकिन अब यह स्पष्ट हो रहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत की खिड़की खुली है और शांति की दिशा में कुछ वास्तविक प्रगति हो रही है।
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