वॉशिंगटन | वैश्विक व्यापार में एक बार फिर तनाव की लहर दौड़ गई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 145% आयात शुल्क (टैरिफ) लगाने के अपने निर्णय को सही ठहराते हुए कहा है कि “अब चीन से लूट बर्दाश्त नहीं होगी।”
ट्रंप ने एक अमेरिकी न्यूज़ चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, “चीन हमसे वर्षों से फायदा उठा रहा है। यह टैरिफ हमारी सुरक्षा और उद्योगों के संरक्षण के लिए ज़रूरी है। अच्छे दिन आने वाले हैं।”
चीन ने दिया करारा जवाब
चीन ने भी अमेरिकी टैरिफ के जवाब में 125% शुल्क लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव और बढ़ गया है। यह टैरिफ मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र और निर्माण सामग्री जैसे क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई और आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
बाजारों में हड़कंप
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है। निवेशकों में मंदी का डर है और मुद्रास्फीति पर बढ़ते दबाव को लेकर चिंता जताई जा रही है।
ट्रंप की रणनीति क्या है?
पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप का दावा है कि इन टैरिफ्स से जुटाई गई रकम को घरेलू परियोजनाओं और टैक्स राहत के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इसका असर उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा और घरेलू कंपनियों की लागत बढ़ेगी।
भारत सहित कई देश प्रभावित
ट्रंप प्रशासन ने चीन के अलावा भारत समेत 20 से अधिक देशों पर भी टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। भारत पर संभावित 26% आयात शुल्क लागू करने की बात कही गई थी, हालांकि इस पर फिलहाल 90 दिन की रोक लगा दी गई है।
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