अलवर: राजकीय गौरी देवी कन्या महाविद्यालय (जीडी कॉलेज) में छात्राओं की सुरक्षा के इंतजाम अधूरे हैं। कॉलेज के शौचालय की दीवारों पर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं, जिससे यह साफ होता है कि मनचले युवक कॉलेज में घुस रहे हैं।
शौचालय तक कैसे पहुंचे मनचले?
पत्रिका रिपोर्टर ने जब कॉलेज के टॉयलेट का निरीक्षण किया, तो वहां की दीवारों पर अभद्र भाषा में लिखे गए शब्द मिले। सवाल यह उठता है कि ये युवक कॉलेज में घुसे कैसे? जब वे शौचालय तक पहुंच सकते हैं, तो कोई भी अनहोनी घटना घट सकती है।
तीन हजार से ज्यादा छात्राओं की सुरक्षा का इंतजाम नहीं
कॉलेज में करीब 3,500 नियमित छात्राएं पढ़ती हैं। इसके अलावा, स्वयंपाठी छात्राएं और प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाली महिलाएं भी यहां आती हैं। लेकिन कॉलेज में सुरक्षा गार्ड नजर नहीं आता। मुख्य गेट से लेकर कॉलेज के अंदर तक कोई निगरानी नहीं होती।
टूटे हुए दरवाजे, बंद नहीं होती कुंदी
कॉलेज के शौचालयों की स्थिति बेहद खराब है।
- दरवाजे टूटे हुए हैं।
- कुछ दरवाजों की कुंदी नहीं लगती, जिससे छात्राओं को दरवाजा पकड़कर बैठना पड़ता है।
- छात्राओं का सवाल है कि क्या सरकार के पास इतना बजट भी नहीं कि दरवाजे सही करवाए जाएं?
प्रशासन का क्या कहना है?
कॉलेज प्रिंसिपल मंजू यादव का कहना है कि मुख्य गेट पर गार्ड तैनात रहता है और पुलिस टीम समय-समय पर गश्त करती है। साथ ही, कॉलेज में सुरक्षा के लिए कैमरे भी लगाए गए हैं।
लेकिन, छात्राओं की सुरक्षा की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
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