आगरा/धौलपुर:
उत्तर प्रदेश के आगरा ज़िले के खैरागढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला की उसके पिता, पति और देवर ने मिलकर हत्या कर दी। आरोप है कि महिला का अपने चचेरे देवर से प्रेम संबंध था और यह बात घरवालों को नागवार गुज़री।
“इज्जत के नाम पर हत्या” – परिवार बना जल्लाद
घटना 31 मई की है, जब भोपुर गांव में एक अज्ञात महिला का शव मिला। पुलिस ने पहचान के लिए शव की तस्वीर सोशल मीडिया पर डाली। कुछ समय बाद कोमल सिंह नामक व्यक्ति ने बेटी सुनीता के रूप में शव की पहचान की और आगरा पहुंचकर पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस को शुरू में यह मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन परिवार की प्रतिक्रिया और पूछताछ में आई बातों से शक गहराने लगा।
सुनीता के बहन और प्रेमी ने किया खुलासा
पूछताछ में सुनीता की बहन पूजा ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि सुनीता का अपने चचेरे देवर विष्णु से प्रेम संबंध था और वह उसके साथ जीवन बिताना चाहती थी। सुनीता ने 29 मई की रात विष्णु को कॉल कर कहा था कि उसके पिता और पति उसकी जान लेने वाले हैं।
हत्या की पूरी साजिश खुली
विष्णु और पूजा से मिले इनपुट के आधार पर जब पुलिस ने छानबीन की तो हैरान करने वाला सच सामने आया।
सुनीता के पिता, पति पवन और देवर जल सिंह ने स्वीकार किया कि उन्होंने धौलपुर में सुनीता की गला दबाकर हत्या की, क्योंकि उन्हें उसकी ‘चरित्रहीनता’ से बदनामी का डर था।
हत्या के दौरान पति ने पैर पकड़े, देवर ने हाथ थामे और पिता ने गला दबाया। महिला की चीखें अनसुनी रह गईं और तीनों ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया।
शव खैरागढ़ में फेंका गया
हत्या के बाद तीनों ने मिलकर शव को बाइक से आगरा के खैरागढ़ लाकर सुनसान जगह फेंक दिया ताकि शक न हो। पुलिस ने शव की पहचान होने के बाद जांच तेज की और तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया, जहां पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया।
⚖️ सामाजिक संदेश: ‘इज्जत के नाम पर हत्या’ नहीं, संवाद हो समाधान
यह मामला एक बार फिर ऑनर किलिंग जैसे सामाजिक कलंक पर बहस को जन्म देता है। यह सवाल खड़ा करता है कि क्या परिवार की ‘इज्जत’ बेटी की जान से बढ़कर है? समाज को यह समझना होगा कि बदलते रिश्तों और विचारों के दौर में सम्मान के नाम पर हिंसा किसी भी रूप में जायज़ नहीं है।
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