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आगरा के ताजमहल और आगरा किला सहित 154 ऐतिहासिक स्मारकों के पास अवैध निर्माण लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 सालों में 3,913 अवैध निर्माण हुए, लेकिन इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस भेजा है।
कार्रवाई का हाल
- एएसआई ने केवल एफआईआर दर्ज की, लेकिन कोई जुर्माना या कानूनी कार्रवाई नहीं हुई।
- यही कारण है कि अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं।
सबसे ज्यादा असर वाले स्थान
- ताजमहल: पूर्वी गेट से असद गली तक लगातार नए निर्माण।
- आगरा किला: 200 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में नियम तोड़े गए।
- फतेहपुर सीकरी: हिरन मीनार के पास बड़े पैमाने पर कब्जा।
- मकबरों के पास: अकबर और मरियम के मकबरों के पास पिछले 3 महीनों में 100 से ज्यादा एफआईआर दर्ज, फिर भी निर्माण नहीं रुका।
अफसरों पर आरोप
- कार्यकर्ताओं का कहना है कि एएसआई के आंकड़े भ्रामक हैं।
- सितंबर 2023 और अप्रैल 2025 के आंकड़े समान दिखाए गए, जिससे नए अतिक्रमणों की जानकारी छुपाई जा रही है।
हाईकोर्ट की फटकार
- साल 2010-11 में नियमों में संशोधन कर साइट प्लान और गाइडलाइंस बनाने की बात हुई थी, लेकिन 15 साल बाद भी फाइलों में ही दबी हैं।
- कोर्ट ने कहा कि इस लापरवाही से विरासत खतरे में है और भारत की विश्व छवि भी खराब हो रही है।
प्रशासन का पक्ष
- अधिकारी का कहना है कि विभाग केवल एफआईआर दर्ज करवा सकता है, जबकि निर्माण गिराने या कार्रवाई करने का अधिकार स्थानीय प्रशासन और विकास प्राधिकरण के पास है।
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