Breaking News

आज का एक्सप्लेनर:13 दिन से अटका मानसून, मौसम के कौन से 5 सिस्टम जिम्मेदार; अब तक 38% कम बारिश, आखिर कब मिलेगी राहत

आज का एक्सप्लेनर: 13 दिन से अटका मानसून, अब तक 38% कम बारिश

channel_009 | Weather Explainer

देश में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों से लेकर आम लोगों तक की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मानसून पिछले 13 दिन से अटका हुआ है और अब तक देश में सामान्य से करीब 38% कम बारिश दर्ज की गई है। सवाल यह है कि आखिर मानसून आगे क्यों नहीं बढ़ रहा और राहत कब मिलेगी?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की चाल पर कई सिस्टम असर डालते हैं। पहला कारण कमजोर मानसूनी हवाएं हैं। जब अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाएं मजबूत नहीं होतीं, तो बारिश कमजोर पड़ जाती है।

दूसरा कारण लो-प्रेशर सिस्टम का कमजोर होना है। आमतौर पर मानसून को आगे बढ़ाने में कम दबाव वाले क्षेत्र बड़ी भूमिका निभाते हैं, लेकिन इस बार ऐसे सिस्टम उतने मजबूत नहीं बन पाए।

तीसरा कारण वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और गर्म हवाओं का असर माना जा रहा है। उत्तर भारत में हीटवेव और सूखी हवाएं मानसून की नमी को आगे बढ़ने से रोक सकती हैं।

चौथा कारण बंगाल की खाड़ी से नमी की कमी है। पूर्वी भारत से मानसून को आगे बढ़ने के लिए लगातार नमी चाहिए होती है, लेकिन कमजोर नमी सप्लाई से इसकी रफ्तार थम जाती है।

पांचवां कारण समुद्री तापमान और ग्लोबल वेदर पैटर्न भी हो सकता है। इनका असर मानसून की दिशा और ताकत दोनों पर पड़ता है।

कम बारिश का सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई, जलाशयों और गर्मी से राहत पर पड़ सकता है। किसान धान, सोयाबीन, मक्का और दालों की बुआई के लिए बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

channel_009 निष्कर्ष:
मानसून की देरी चिंता जरूर बढ़ा रही है, लेकिन अगर आने वाले दिनों में मजबूत लो-प्रेशर सिस्टम बनता है, तो बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं।

आपकी राय क्या है — आपके इलाके में बारिश हुई या अभी भी गर्मी जारी है? कमेंट में बताइए।

About Neeraj Parwani

Check Also

बाढ़ में डूबीं कॉलोनियां, रिहायशी इलाके बने दरिया…97 हजार लोग प्रभावित, अरुणाचल में बारिश का जानलेवा कहर

अरुणाचल में बारिश का जानलेवा कहर! बाढ़ में डूबीं कॉलोनियां, रिहायशी इलाके बने दरिया; 97 …

प्रातिक्रिया दे

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?