आनासागर झील के वेटलैंड क्षेत्र में बने अवैध निर्माण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश दिया कि सेवन वंडर्स पार्क को एक माह में हटाया जाए और दोनों प्रस्तावित वेटलैंड पर राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) से विस्तृत रिपोर्ट बनवाकर पेश की जाए। इस मामले की अगली सुनवाई 16 मई को होगी।
क्या है मामला?
आनासागर झील के चारों ओर पाथवे, सेवन वंडर्स और अन्य निर्माण कार्य अजमेर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किए गए थे। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने 2021 में इन्हें अवैध घोषित कर दिया था, फिर भी निर्माण कार्य जारी रहे। इसको लेकर राजस्थान सरकार बनाम अशोक मलिक केस की सुनवाई हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने किन बिंदुओं पर मांगी रिपोर्ट?
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दोनों प्रस्तावित वेटलैंड्स पर विस्तृत योजना।
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नीरी और अन्य विशेषज्ञ संस्थाओं की रिपोर्ट।
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सेवन वंडर्स पार्क को हटाने की अनुपालना रिपोर्ट।
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फूड कोर्ट को हटाने की स्थिति पर रिपोर्ट।
सरकार ने क्या प्रस्ताव दिया?
सरकार और जिला प्रशासन ने बताया कि वरुण सागर और तबीजी क्षेत्र में करीब 19 हेक्टेयर भूमि पर वेटलैंड बनाने का प्रस्ताव है। कोर्ट ने पूछा कि वेटलैंड कैसे तैयार किए जाएंगे, उनमें पानी की आवक, जैव विविधता संरक्षण की क्या योजना होगी? कोर्ट ने सरकार को साफ निर्देश दिया कि इन बिंदुओं पर वैज्ञानिक और विस्तृत रिपोर्ट पेश करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि नीरी और विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद से 15 दिन में रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी।
सेवन वंडर्स को हटाने पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती
न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां ने पूछा कि सेवन वंडर्स को हटाने की क्या स्थिति है? सरकार ने जवाब दिया कि हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए आदेश दिया कि एक माह में पार्क को पूरी तरह हटाकर रिपोर्ट पेश की जाए।
पाथवे पर कोर्ट की टिप्पणी
झील के किनारे बने पाथवे को लेकर कोर्ट ने सवाल किया कि अब तक क्या कार्रवाई हुई है? सरकार ने कहा कि पाथवे झील की परिधि पर है और इसे हटाने से झील क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण बढ़ सकते हैं। इस पर कोर्ट ने कहा कि दोनों वेटलैंड्स पर रिपोर्ट आने के बाद इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा।
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