दक्षिण लेबनान में इज़राइल ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी सैन्य सफलता हासिल की है। इज़राइली डिफेंस फोर्स (IDF) ने एक सटीक हवाई हमले के जरिए हिजबुल्लाह के रॉकेट ऑपरेशन्स के शीर्ष रणनीतिकार मोहम्मद अली जमूल को ढेर कर दिया है। यह कार्रवाई देइर अल-जहरानी इलाके में की गई, जहां जमूल सक्रिय रूप से इज़राइली नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ हमलों की योजना बना रहा था।
🎯 जमूल क्यों था टारगेट पर?
मोहम्मद अली जमूल, हिजबुल्लाह के शकीफ क्षेत्र में रॉकेट हमलों की योजना और क्रियान्वयन के लिए जिम्मेदार था। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह पहले भी कई सफल रॉकेट हमलों में शामिल रहा है, जिनमें इज़राइल को जान और माल का भारी नुकसान उठाना पड़ा था। ऐसे में उसकी मौत को इज़राइल के लिए रणनीतिक बढ़त माना जा रहा है।
💥 IDF का सटीक ऑपरेशन
इज़राइली सेना का यह ऑपरेशन खुफिया जानकारी और योजनाबद्ध रणनीति का नतीजा था। IDF ने पुष्टि की है कि यह कार्रवाई इज़राइली नागरिकों की सुरक्षा के तहत की गई और भविष्य में भी ऐसे खतरे बनने से पहले खत्म करने की नीति जारी रहेगी।
🏗️ हिजबुल्लाह की गतिविधियां बढ़ीं, अब झटका
बीते कुछ समय से हिजबुल्लाह फिर से अपने नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को सक्रिय करने में लगा हुआ था। जमूल की मौत इस संगठन के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे उसके रॉकेट हमले की क्षमताओं पर असर पड़ने की संभावना है। इज़राइली सैन्य अधिकारियों ने दोहराया है कि लेबनान और इज़राइल के बीच हुए समझौतों का उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
🗣️ प्रधानमंत्री नेतन्याहू की स्पष्ट चेतावनी
इससे पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जानकारी दी थी कि 13 मई को गाजा स्थित यूरोपीय अस्पताल पर हुए हमले में हमास नेता मोहम्मद सिनवार मारा गया था। वह याह्या सिनवार के बाद संगठन में दूसरे सबसे ताकतवर कमांडर माने जाते थे, जिनके पास 58 इज़राइली बंधकों की जिम्मेदारी थी।
नेतन्याहू ने साफ कहा है कि उनका प्रशासन आतंकियों को कोई रियायत नहीं देगा, चाहे वह हमास हो या हिजबुल्लाह। मौजूदा हालात को देखकर यह स्पष्ट है कि इज़राइल अब पूरे जोर के साथ आतंक के ठिकानों को खत्म करने में लगा है।
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