इज़राइल इन दिनों एक अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहा है। यरूशलम के पास फैली भयावह जंगल की आग के कारण देश में राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि हज़ारों नागरिकों को अपना घर छोड़ना पड़ा है और सरकार को अंतरराष्ट्रीय मदद की गुहार लगानी पड़ी है।
आग से तबाही: सड़कें बंद, सेवाएं ठप
यह भीषण आग यरूशलम के पश्चिमी जंगलों से शुरू होकर 100 से अधिक स्थानों पर फैल चुकी है। अब तक लगभग 3,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र जलकर राख हो गया है। यरूशलम और तेल अवीव को जोड़ने वाले मुख्य राजमार्गों—हाइवे 1 और हाइवे 3—को बंद करना पड़ा है। रेल सेवाएं भी कई जगहों पर बाधित हो चुकी हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जनजीवन अस्त-व्यस्त, लोग अस्पताल में भर्ती
इज़राइली बचाव एजेंसी मैगन डेविड एडोम (MDA) के अनुसार, कम से कम 23 लोग झुलसने या धुएं के संपर्क में आने के कारण बीमार पड़े हैं, जिनमें से 13 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एजेंसी ने आपात स्तर को सबसे उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है।
सरकारी बयान: “हम राष्ट्रीय संकट का सामना कर रहे हैं”
इज़राइल के रक्षा मंत्री योव गैलेंट ने हालात की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा, “यह एक राष्ट्रीय आपातकाल है। हमें अपनी सारी ताकत आग पर काबू पाने और लोगों की जान बचाने में झोंकनी होगी।” वहीं, फायर रेस्क्यू प्रमुख इयाल कैस्पी ने कहा कि यह पिछले एक दशक की सबसे बड़ी जंगल की आग है।
एयर रेस्क्यू रोका गया, ज़मीनी राहत अभियान जारी
तेज़ हवाओं और सूखे मौसम की वजह से आग पर नियंत्रण पाना और भी मुश्किल हो गया है। मौसम खराब होने के चलते एयर रेस्क्यू ऑपरेशन अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है। अब राहत दल ज़मीनी स्तर पर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
गाजा पर हमला, इधर अपने घर छोड़ने की नौबत
पिछले 19 महीनों से गाजा में फिलिस्तीनी नागरिकों पर कार्रवाई कर रहे इज़राइल को अब खुद अपने ही नागरिकों को विस्थापित करना पड़ रहा है—वह भी बिना किसी मिसाइल हमले या आतंकी घटना के। हालात की विडंबना यह है कि जहां इज़राइल गाजा में सैन्य कार्रवाई कर रहा है, वहीं उसके अपने नागरिक बिना किसी युद्ध के अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं।
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