तेहरान/वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तीखा बयान जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा कि तेहरान को तुरंत खाली किया जाना चाहिए और ईरान की परमाणु नीति को लेकर अपनी नाखुशी भी व्यक्त की।
“ईरान ने न्यूक्लियर डील साइन न करके गलती की” – ट्रंप
अपने पोस्ट में ट्रंप ने लिखा:
“ईरान को उस परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर कर देने चाहिए थे, जिस पर मैंने जोर दिया था। यह न केवल शर्मनाक है, बल्कि इससे अनगिनत निर्दोष जानों की बर्बादी हो रही है।”
उन्होंने आगे कहा:
“मैंने पहले भी साफ कहा है – ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता। अब सभी को जल्द से जल्द **तेहरान छोड़ देना चाहिए।”
“भारत-पाक के बीच तनाव कम किया, अब ईरान-इजरायल की बारी”
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि जैसे उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापारिक सहयोग और बातचीत के जरिए तनाव को घटाया, उसी तरह ईरान और इजरायल के बीच भी बातचीत का रास्ता खुल सकता है।
उन्होंने लिखा:
“मैंने दो महान नेताओं – भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से समझदारी से बात कर, एक बड़ा संकट टाल दिया। मुझे विश्वास है कि ईरान और इजरायल के मामले में भी हम जल्द **एक समाधान की ओर बढ़ सकते हैं।”
तनाव के बीच ट्रंप की भूमिका पर उठे सवाल
जहां एक ओर ट्रंप शांति स्थापना के प्रयासों की बात कर रहे हैं, वहीं उनके बयान में तेहरान को खाली करने जैसी सख्त चेतावनियां भी शामिल हैं। विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान दबाव की रणनीति हो सकती है, जिसके जरिए अमेरिका ईरान पर बातचीत की मेज पर लौटने के लिए जोर डाल रहा है।
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