वॉशिंगटन/कराची/बर्लिन/ग्वालियर:
अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के विरोध में रविवार को दुनिया के कई देशों में ज़बरदस्त प्रदर्शन हुए। ईरान ने इस कार्रवाई को “युद्ध की घोषणा” करार दिया है, वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे पश्चिम एशिया में तनाव की खतरनाक नई लहर माना जा रहा है।
जर्मनी, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और भारत सहित कई देशों में सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बैनर थे जिन पर लिखा था – “ईरान को बख्शो”, “ईरान पर युद्ध नहीं चाहिए”।
अमेरिका के भीतर भी उठे विरोध के स्वर
अमेरिका के न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन डीसी और लॉस एंजेलिस जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोगों ने विरोध मार्च निकाले।
वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस के बाहर, प्रदर्शनकारियों ने ईरानी झंडे और समाजवादी नारों वाले पोस्टर लहराए।
ट्रंप समर्थक व कार्यकर्ता लॉरा लूमर ने इन विरोध प्रदर्शनों को “ईरान समर्थक और ट्रंप विरोधी” करार देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा,
“ये लोग वामपंथी प्रचार को दोहरा रहे हैं। ये देशद्रोह है।”
पाकिस्तान, भारत और ऑस्ट्रेलिया में भी नाराजगी
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पाकिस्तान के कराची में सैकड़ों लोगों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ विरोध किया।
वक्ताओं ने कहा, “अब यह संघर्ष केवल ईरान और फिलिस्तीन का नहीं बल्कि इंसानियत और ज़ुल्म के बीच की जंग है।“ -
भारत के ग्वालियर में अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने इसे “गैर-उकसावे वाला हमला” बताया।
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ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ नारेबाज़ी की और कहा कि यह क्षेत्र में युद्ध को बढ़ावा देगा।
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जर्मनी के बर्लिन में आयोजित मार्च में प्रदर्शनकारियों ने इज़राइल की कार्रवाई को “आक्रामक” बताते हुए तत्काल संघर्ष विराम की मांग की।
लंदन में भी प्रदर्शन की तैयारी
ब्रिटेन की राजधानी लंदन में सोमवार को तीन विरोध प्रदर्शन निर्धारित हैं, जिनमें अमेरिकी व इज़राइली हमलों के खिलाफ नारे लगाए जाएंगे।
ईरान ने किया जवाबी हमला, नेतन्याहू बोले – “उद्देश्य के करीब”
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने इज़राइल के कई शहरों पर मिसाइलें दागीं।
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उनका अभियान “अपने लक्ष्य के बेहद करीब” पहुंच चुका है। वहीं ईरान ने चेतावनी दी कि यह कार्रवाई “अनंत परिणामों” को जन्म दे सकती है।
दुनियाभर से आई शांति की अपील
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ब्रिटेन के किएर स्टारमर और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोआन ने पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात पर चिंता जताते हुए तत्काल शांति और संयम की अपील की है।
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