वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर जारी वार्ताओं के बीच एक अहम फैसला लेते हुए नई पाबंदियां लागू कर दी हैं। यह कदम ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर चौथे दौर की वार्ता ओमान में संपन्न हुई है।
SPND से जुड़े अधिकारियों और कंपनी पर बैन
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बयान में बताया कि यह प्रतिबंध तेहरान के रक्षा नवाचार और अनुसंधान संगठन (SPND) से जुड़े तीन वरिष्ठ अधिकारियों और एक तकनीकी कंपनी फूया पार्स प्रोस्पेक्टिव टेक्नोलॉजिस्ट पर लगाए गए हैं।
इन प्रतिबंधों के तहत:
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इन व्यक्तियों और कंपनी की अमेरिका स्थित संपत्तियां जब्त कर दी गई हैं
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इनके साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक या वित्तीय लेन-देन प्रतिबंधित कर दिया गया है
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अमेरिका ने इन पर परमाणु तकनीक के दुरुपयोग का आरोप लगाया है
मस्कट में हुई लंबी बातचीत, लेकिन सुलह दूर
ओमान की राजधानी मस्कट में हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता का चौथा दौर आयोजित हुआ। करीब तीन घंटे चली इस बातचीत में कुछ तकनीकी मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सरकारी चैनल पर बताया कि “वार्ता गंभीर और विस्तृत थी, लेकिन अभी अंतिम नतीजों तक पहुंचने में समय है।”
ट्रंप और इजरायल की चेतावनी साफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि अगर वार्ता विफल होती है, तो ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीधा सैन्य प्रहार किया जा सकता है। वहीं, ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंध नहीं हटाए गए तो वह यूरेनियम को हथियार-स्तर तक समृद्ध करने की दिशा में बढ़ेगा।
इजरायल ने स्पष्ट कहा है कि अगर उसे ईरान से खतरा महसूस हुआ, तो वह ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बना सकता है।
नतीजा? तनाव और बढ़ा
इन प्रतिबंधों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। जबकि एक ओर वार्ताएं जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य टकराव का खतरा भी मंडरा रहा है।
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