वॉशिंगटन | 20 जून 2025
ईरान और इज़रायल के बीच चल रहे घमासान के बीच अब वैश्विक निगाहें अमेरिका की ओर टिक गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका इस संघर्ष में सीधे शामिल होगा या नहीं, इस पर अगले दो सप्ताह में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने ट्रंप के हवाले से कहा:
“ईरान के साथ संभावित बातचीत की पर्याप्त संभावना अब भी बनी हुई है। हम यह देखने की स्थिति में हैं कि क्या बातचीत से ईरान का परमाणु कार्यक्रम सीमित किया जा सकता है।”
बातचीत या हमला? ट्रंप के सामने निर्णायक क्षण
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर वह परमाणु हथियारों के विकास को नहीं रोकता तो परिणाम गंभीर होंगे। लेकिन अब ट्रंप ने इस चेतावनी की समयसीमा को बढ़ाते हुए संकेत दिया है कि रणनीतिक विकल्प खुले हैं, और बातचीत की खिड़की अभी बंद नहीं हुई है।
नेतन्याहू बोले – इस युद्ध से बदल जाएगी दुनिया की तस्वीर
इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उनकी सरकार को किसी भी अंतरराष्ट्रीय सहयोग का स्वागत है। उन्होंने कहा:
“यह सिर्फ एक सैन्य संघर्ष नहीं है। हम इस लड़ाई के जरिए दुनिया का चेहरा बदल देंगे।”
उनके इस बयान को वैश्विक मंच पर इज़रायल की रणनीतिक महत्वाकांक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
पुतिन और जिनपिंग की कड़ी प्रतिक्रिया
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह इस संघर्ष में सीधे शामिल होने से बचे, क्योंकि इससे क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ सकती है।
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वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इज़रायल की सैन्य कार्रवाइयों की आलोचना करते हुए ईरान का समर्थन किया है।
यह प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि यदि अमेरिका खुलकर हस्तक्षेप करता है तो यह युद्ध वैश्विक महाशक्तियों के टकराव में तब्दील हो सकता है।
इज़रायल का जवाबी हमला: ईरानी ठिकानों पर हमला तेज
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युद्ध के आठवें दिन, इज़रायली सेना ने ईरान की इंजीनियरिंग साइट को निशाना बनाया।
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रिपोर्ट्स के अनुसार, वहां मौजूद दर्जनों ईरानी सैनिकों की मौत हुई है।
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जिन ठिकानों को ईरान फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था, उन्हें सर्जिकल स्ट्राइक में ध्वस्त किया गया।
डिफेंस डोम: इज़रायल की वायु प्रणाली ने मारे सैकड़ों ड्रोन
इज़रायली डिफेंस फोर्स (IDF) का कहना है कि:
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ईरान द्वारा दागे गए सैकड़ों ड्रोन हमलों में से 95% से अधिक को सफलतापूर्वक हवा में नष्ट कर दिया गया है।
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इज़रायली वायुसेना और नौसेना की सामूहिक तैयारियों का यह प्रभावी प्रदर्शन है।
ईरान का कूटनीतिक कदम: यूरोप से संवाद की पहल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची यूरोप दौरे पर निकल चुके हैं। वे जेनेवा में:
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फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी के अधिकारियों से मिलेंगे,
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संभावित संयुक्त वार्ता और सीज़फायर की शर्तों पर चर्चा करेंगे।
फ्रांस ने पहले ही दावा किया है कि ईरानी अधिकारी अमेरिका से बातचीत को तैयार हैं — लेकिन शर्त है कि पहले युद्धविराम हो।
निष्कर्ष: निर्णायक मोड़ पर खड़ा है पश्चिम एशिया
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ट्रंप का फैसला अब राजनीतिक और सैन्य संतुलन दोनों को प्रभावित करेगा।
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बातचीत की उम्मीदें अब भी शेष हैं, लेकिन ज़मीनी हालात तेज़ सैन्य कार्रवाई की ओर बढ़ रहे हैं।
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अमेरिका यदि हस्तक्षेप करता है, तो यह लड़ाई एक सीमित क्षेत्रीय संघर्ष से वैश्विक संकट बन सकती है।
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