तेहरान: ईरान की न्यायपालिका ने इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए जासूसी करने के दोषी एक व्यक्ति को फांसी देकर सख्त संदेश दिया है। 41 वर्षीय पेद्रम मदनी को राजधानी तेहरान में यह सजा दी गई, जिसकी पुष्टि सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने बुधवार को की।
ईरान के सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा-ए-मौत को बरकरार रखते हुए मदनी की अपील खारिज कर दी थी। इसके बाद उसे फांसी दी गई।
रिपोर्ट्स के अनुसार, पेद्रम मदनी पर आरोप था कि उसने इजरायल की यात्रा की और वहां मोसाद अधिकारियों से मुलाकात की। बताया गया कि उसने ईरान के कुछ संवेदनशील ठिकानों और इमारतों से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ साझा की थीं, जिनमें महत्वपूर्ण सैन्य और तकनीकी संसाधन मौजूद थे।
इसके बदले में उसे विदेशी मुद्रा और क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान किया गया। यह भी सामने आया कि उसने बेल्जियम में स्थित इजरायली दूतावास में मोसाद एजेंटों से निर्देश प्राप्त किए थे।
2020 में हुई थी गिरफ्तारी
मदनी को ईरानी सुरक्षा एजेंसियों ने वर्ष 2020 में हिरासत में लिया था। विस्तृत जांच के बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने और विदेशी एजेंसी के लिए जासूसी करने का दोषी पाया गया।
इससे पहले, अप्रैल 2025 में भी ईरान ने एक अन्य व्यक्ति को फांसी दी थी, जिस पर 2022 में तेहरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक कर्नल की हत्या की साजिश में शामिल होने और मोसाद से संबंध होने का आरोप था।
ईरानी अधिकारियों ने इन मामलों के ज़रिए एक बार फिर चेताया है कि वे विदेशी हस्तक्षेप और जासूसी गतिविधियों के प्रति सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
अब तक इस घटनाक्रम पर न तो इजरायली सरकार और न ही मोसाद की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है।
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