Related Articles
उज्ज्वला गैस उपभोक्ताओं के लिए अब हर साल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी
राजस्थान में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े गैस उपभोक्ताओं को अब हर साल बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराना होगा। यदि उपभोक्ता समय पर यह प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उनकी गैस सब्सिडी रुक सकती है। इस नियम से प्रदेश के करीब 73 लाख उज्ज्वला लाभार्थी प्रभावित हो सकते हैं।
जानकारी के अनुसार, गैस एजेंसियों के माध्यम से उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक पहचान की पुष्टि की जाएगी। इसके लिए उपभोक्ता को गैस एजेंसी पर जाकर आधार आधारित सत्यापन कराना होगा। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही सब्सिडी का लाभ नियमित रूप से जारी रहेगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी का लाभ केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थियों को ही मिले। कई मामलों में पुराने कनेक्शन, गलत जानकारी या निष्क्रिय उपभोक्ताओं की वजह से सब्सिडी वितरण में गड़बड़ी की आशंका रहती है। इसी को रोकने के लिए हर साल वेरिफिकेशन की व्यवस्था लागू की जा रही है।
गैस एजेंसियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे आधार कार्ड, गैस कनेक्शन से जुड़े दस्तावेज और मोबाइल नंबर के साथ जल्द से जल्द अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें। समय पर सत्यापन नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी मिलने में परेशानी हो सकती है।
इस फैसले के बाद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में उज्ज्वला उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी तक पहुंचकर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और बुजुर्ग उपभोक्ताओं के लिए यह प्रक्रिया थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। ऐसे में एजेंसियों से कैंप लगाकर वेरिफिकेशन कराने की भी मांग उठ सकती है।
CHANNEL009 Connects India
